चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसान नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से धन एकत्र किया है। शुक्रवार को उनके इस बयान पर किसान नेता भड़क गए, जिसके जवाब में सीएम मान ने उन्हें लाइव बहस की चुनौती दी। मान ने दावा किया कि कुछ यूनियन नेता ने छोटे किसानों से पैसे इकट्ठा कर बड़ी संपत्तियां बनाई हैं।
बठिंडा में सीएम का दौरा
मुख्यमंत्री मान बुधवार (30 मई) को के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। वहां उन्होंने एक होटल में क्षेत्र के पंचों और सरपंचों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि बादल-मजीठिया परिवार के बीच इन दिनों बोलचाल बंद है। उन्होंने कहा, “सुखबीर बादल और बिक्रम मजीठिया ने मेरे बयान के बाद भले ही बोलना शुरू कर दिया हो, लेकिन यह सच है।”
किसान यूनियनों पर सीधा हमला
सीएम मान ने किसान यूनियनों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ यूनियन नेताओं ने छोटे किसानों से पैसे इकट्ठा कर बड़ी संपत्तियां बनाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये यूनियनें बेतुके मुद्दों पर सड़कों और रेलगाड़ियों को रोककर अपनी दुकानें चला रही हैं। मान ने सीधे तौर पर इल्ज़ाम लगाया कि कई किसान नेताओं ने राज्य के होटलों और अस्पतालों में भी अपनी हिस्सेदारी लगाई है।

“किसान और यूनियनें अलग-अलग हैं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान और किसान यूनियनें दो अलग-अलग चीजें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनियनें संघर्ष की आड़ में किसानों से शुल्क वसूलती हैं। उन्होंने कहा, “इस समय बीबीएमबी (BBMB) और हरियाणा के साथ पानी का विवाद चल रहा है, लेकिन पंजाब के किसी भी किसान नेता ने इस पर एक शब्द नहीं कहा। यूनियनें केवल बेतुके मुद्दों पर सड़कों और रेलगाड़ियों को रोककर अपनी दुकानें चला रही हैं।”
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