शब्बीर अहमद, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम में UPSC में चयनित अभ्यर्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सभी को बधाई दी। साथ ही गुना और सीधी में निलंबन कार्रवाई के मामले में सही ढंग से काम नहीं करने वाले अधिकारियों को सख्त संदेश भी दिया।बता दें कि इस साल 61 अभ्यर्थियों का यूपीएससी में चयन हुआ है, जिसमें से 22 बच्चो ने शासकीय महाविद्यालय से पढ़ाई की है।
61 अभ्यर्थियों का अभिनन्दन
सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा, ‘सभी अभ्यर्थी हमारे मध्य प्रदेश के गौरव हैं। 61 अभ्यर्थियों का मैं अभिनंदन करता हूं। आगे यह संख्या बढ़े में ऐसी कामना करता हूं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में मौका मिलना सौभाग्य की बात है। आजादी का अमृत काल होगा, तब सभी अच्छे पदों पर होंगे। संख्या लगातार बढ़ती जाएं यह कामना है। आपके साथ नई जवाबदारी जुड़ गई है।
सीएम ने कहा- चाय वाला प्रधानमंत्री और गाय वाला मुख्यमंत्री, यही लोकतंत्र की खूबसूरती
सीएम ने सभी से कहा, सफलता कई दायित्व को लेकर आती है। देश की टॉप रैंक में मध्य प्रदेश के बच्चे शामिल हैं, यह एमपी के लिए गौरव की बात है। मध्य प्रदेश विक्रमादित्य के गौरवशाली अतीत को जीता है। सफलता कई दायित्व को लेकर आती है। हमारा चयन तो हर 5 साल में होता है, हर पांच साल में परीक्षा देनी होती है। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है कि चाय वाला प्रधानमंत्री और गाय वाला मुख्यमंत्री बनाता है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा देश
सीएम ने आगे कहा कि पूरे मध्य प्रदेश से लोग आए हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर के साथ मध्य प्रदेश के दूरदराज के इलाकों से भी लोग निकल के आए हैं। डिंडोरी जैसे जिलों से लोग आए हैं तो वह जरूर मध्य प्रदेश की जगह-जगह को समझेंगे। जो इतिहास को नकारेगा वह आगे नहीं बढ़ पाएगा। सुखी वही है जो दूसरों के सुख में भागीदार हो। कई बार लोगों में ठहराव आ जाता है कि अब इसी पर है, कुछ नहीं करना। लेकिन मैदान में कई सारी चुनौतियों में कई बार कमजोर साबित होते हैं वह अपनी भूमिका बढ़ाएं। एक समय था जब देश के लिए लड़ने और मरने का समय था लेकिन अब देश के लिए करने और जीने का समय है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है
सरकारी शैक्षणिक संस्थान से निकले बच्चों की तारीफ
सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों से संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी शैक्षणिक संस्थानों से निकलने पर बच्चों की तारीफ भी की। सीएम ने कहा, ‘2 सालों में प्रदेश ने नया रिकॉर्ड बनाया है, इस बात का गौरव है। सरकारी स्कूल-कॉलेजों, छोटे स्थान से निकले बच्चों ने स्थान बनाया है। मैं जब उच्च शिक्षा मंत्री था तब से यह सिलसिला चालू किया था और इस बात की खुशी है कि आज भी यह जारी है। 10 सर्वाधिक में से प्रदेश के 2 बच्चों ने रैंक पाई है, खुशी की बात है।’
सही ढंग से काम न करने वाले अधिकारियों पर सीएम सख्त
सही ढंग से काम नहीं करने वाले अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने सख्त संदेश दिए हैं। सीएम ने सीधी कलेक्टर और गुना एसपी को हटाए जाने पर कहा कि जो काम नहीं करेगा उसे मैदान से हटाना, योग्य लोगों को बढ़ाना है। ये तो प्रशासनिक निरंतरता की गतिविधियां है। अच्छे लोगों को प्रमोट करते हैं। जहां कमियां है, बदलने का निर्णय लेते हैं। कल्यकारनी योजनाओं सुशासन की योजनाओं को बढ़ाना है।
सवा 2 साल में सीएम ने की प्रशासनिक सख्ती
13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रशासन में सख्ती का रुख अपनाया है। करीब सवा दो साल के कार्यकाल में अब तक 10 आईएएस और 8 आईपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इनमें कई मामले ऐसे हैं, जिनमें सीधे कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारियों को हटाया गया।
गुना हवाला कांड में ऐसे नपे थे अफसर
ताजा मामला गुना का है जहां रिश्वत और लापरवाही पर कार्रवाई की गई। दरअसल, 22 मार्च 2026 को गुजरात के एक व्यापारी से गुना में एक करोड़ रुपए जब्त करने के बाद पुलिसकर्मियों पर 20 लाख रुपए लेकर मामला दबाने के आरोप सामने आए। इस पर एसपी अंकित सोनी को हटा दिया गया। वहीं थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए। इसी दिन सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी शिकायतों के आधार पर हटाया गया। उन पर आरोप था कि वे दफ्तर में नियमित रूप से नहीं बैठते थे, जिससे आम जनता और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी।
रिश्वत और भ्रष्टाचार पर पहले भी सख्ती
24 जनवरी 2026 को अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को आनंदपुर साहिब ट्रस्ट मामले में रिश्वत के आरोपों के चलते हटाया गया। वहीं 2 जनवरी 2026 को इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया पर भी कार्रवाई की गई।
हत्या और गंभीर अपराधों पर भी त्वरित एक्शन
15 मार्च 2026 को मऊगंज के गड़रा हत्याकांड के बाद कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रसना ठाकुर को हटाया गया। सरकार ने तुरंत नए अधिकारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने की कोशिश की।
पिछले मामलों में भी दिखी सख्ती
2025 और 2024 में भी कई बड़े मामलों में कार्रवाई की गई। परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की करोड़ों की संपत्ति के मामले में परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता को हटाया गया
सागर में दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत के बाद कलेक्टर, एसपी और एसडीएम पर कार्रवाई हुई
हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट और सिवनी में गोवंश हत्या के मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को हटाया गया
वायरल वीडियो पर भी तुरंत निर्णय जनवरी 2024 में शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल का ड्राइवर से ‘औकात’ पूछने वाला वीडियो वायरल हुआ था। मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया।
सीएम बनने के 15 दिन में ही बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री बनने के महज 15 दिन बाद ही गुना बस अग्निकांड में 13 लोगों की मौत के बाद कलेक्टर, एसपी और परिवहन आयुक्त को हटाकर डॉ. यादव ने अपने इरादे साफ कर दिए थे।
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