राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। संसार को काल की गणना सिखाने वाला भारत का वैदिक समय अब दुनिया की कलाई पर होगा. दुनिया की 189 से अधिक वैश्विक भाषाओं में वैदिक समय देखा जा सकेगा. हाथ में वैदिक समय बांधने के साथ प्रमुख डिजिटल डिवाइस के जरिए भी इसका उपयोग कर सकेंगे. सीएम डॉ मोहन यादव एक सितंबर को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के एप का लोकार्पण कर देश-दुनिया को वैदिक समय के उपयोग करने का अवसर प्रदान करेंगे.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कल सीएम हाउस में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अनावरण और एप का लोकार्पण करेंगे. सुबह साढ़े नौ बजे शौर्य स्मारक पर स्टूडेंटस एकत्रित होंगे. शौर्य स्मारक से बाइक रैली शुरू होगी, जो रवींद्र भवन तक आएगी. रवींद्र भवन से बाइक रैली पैदल मार्च में बदलकर मुख्यमंत्री निवास के द्वार तक पहुंचेगी.
कार्यक्रम में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल विषय युवा संवाद कार्यक्रम होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव युवाओं से संवाद करेंगे. संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी है. भारतीय काल गणना सर्वाधिक विश्वसनीय पद्धति का पुनर्स्थापन विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के रूप में उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 फरवरी 2024 को किया था, जिसे देश-दुनिया में अच्छा प्रतिसाद मिला है.
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के एप की विशेषताओं को बताते हुए उन्होंने कहा कि एप में 3179 विक्रम पूर्व श्रीकृष्ण के जन्म, महाभारत काल से लेकर 7000 से अधिक वर्षों के पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, वार, मास, व्रत-त्योहार जैसी दुर्लभ जानकारियों को समाहित किया गया है. व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभ अशुभ मुहूर्त की जानकारी भी है.
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