Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा में चक्रवात ‘अर्णब’ के कारण आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की तबाही को देखते हुए राज्य के राजनीतिक दिग्गजों ने इस वर्ष दीपावली का त्योहार न मनाने का बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विधानसभा में विपक्ष के नेता तथा बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने आपदा पीड़ितों के प्रति गहरी एकजुटता और संवेदना व्यक्त करते हुए दिवाली के सभी सार्वजनिक व व्यक्तिगत उत्सव रद्द कर दिए हैं।
विपक्ष के नेता नवीन पटनायक वर्तमान में चक्रवात ‘अर्णब’ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों गंजम, गजपति और कंधमाल के दौरे पर हैं। वहां पहुंचकर उन्होंने जमीनी हालात का जायजा लिया और पीड़ितों से मुलाकात की। पटनायक ने अपने बयान में कहा, “चक्रवात अर्णब के कारण गंजम और गजपति में भारी तबाही मची है, जिससे लोगों को अकल्पनीय पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। कंधमाल में भूस्खलन के मलबे में दबे लापता लोगों की तलाश के लिए अभी भी बचाव अभियान जारी है। दुख की इस घड़ी में मैंने इस साल दिवाली न मनाने का फैसला किया है।”
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के आवास पर भी इस बार कोई दीपोत्सव या जश्न नहीं मनाया जाएगा। विशेष रूप से दक्षिण ओडिशा में हुई व्यापक तबाही को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी शुभचिंतकों और नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास पर गुलदस्ते या उपहार लेकर न पहुंचें। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के प्रति संवेदनशील रहें और आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आएं।
उल्लेखनीय है कि चक्रवात ‘अर्णब’ के कारण हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते हजारों लोग बेघर हो गए हैं, जबकि कई इलाकों में फसल और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। नेताओं द्वारा उठाए गए इन भावपूर्ण कदमों से संकट में फंसे लोगों को नैतिक संबल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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