सुप्रिया पांडेय, रायपुर। डीजी कॉन्फ्रेंस की समीक्षा बैठक को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य का विषय रहा कि राज्य में तीन दिनों तक डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री शामिल हुए थे। इस दौरान देशभर से आए 260 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उसी को लेकर आज एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। प्रदेश को भी निर्देश मिलते हैं कि आगे क्या करना है। उसी की जानकारी को लेकर आज बैठक की गई, जिसमें डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस में मिले निर्देशों पर चर्चा हुई है।

रसोईया संघ आंदोलन और मौत के मामले पर सीएम साय का बयान

प्रदेश में मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर रसोईया संघ के प्रदर्शन के दौरान दो महिलाओं की मौत के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी मौत का आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 88000 रसोईया हैं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सभी से संपर्क किया था। उनके मानदेय में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी पहले की गई है। दो रसोईयों के मौत का सवाल है तो उनका आंदोलन से कोई वास्ता नहीं है।

255 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण

255 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुलिस डिपार्टमेंट और आम जनता के लिए बड़ा दिन है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। साथ ही पुलिस अधिकारियों के रहने के लिए भी अच्छी व्यवस्था बनाई गई है।

धान खरीदी को लेकर बयान

प्रदेश में धान खरीदी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि धान खरीदी प्रदेश में अच्छे से हो रही है। कल ही इसकी समीक्षा की गई है। कई जगह से हमें जानकारी मिल रही थी कि किसानों का टोकन नहीं कटा है। अभी 3 दिन का समय बाकी है। तीन दिनों में 70,000 टोकन काटे जाएंगे और वंचित किसान अपना धान तीन दिनों के अंदर बेच पाएंगे।