लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि 1991 में यूपी की कमान संभालते समय कल्याण सिंह को अराजकता, कुशासन और साज़िशों का सामना करना पड़ा। योजनाएं गरीबों तक नहीं पहुंच रहीं थीं। राम जन्मभूमि आंदोलन के चरम पर उन्होंने राम भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सत्ता तक त्याग दी।

भाजपा के पहले मुख्यमंत्री

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले भाजपा मुख्यमंत्री कल्याण सिंह थे। जब उन्होंने 1991 में उत्तर प्रदेश की कमान संभाली, तो यहां अराजकता और गुंडागर्दी थी,सरकारी योजनाओं का फायदा किसानों, गरीबों और युवाओं तक नहीं पहुंच रहा था… एक तरफ अराजकता और कुशासन था और दूसरी तरफ हिंदू समाज 500 साल की गुलामी से आज़ाद होने के लिए तरस रहा था। उसी समय उन्होंने उत्तर प्रदेश की बागडोर संभाली।

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सीएम योगी ने बताया कि जब वे काम कर रहे थे, तो उन्हें अस्थिर करने की साज़िशें रची गई। जब राम जन्मभूमि आंदोलन अपने चरम पर पहुंचा, तो राम भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए, उन्होंने अपने अराध्य भगवान राम के लिए अपनी सत्ता तक कुर्बान करने में ज़रा भी संकोच नहीं किया। यह भारतीय राजनीति में दुर्लभ उदाहरण है।

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सीएम योगी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि राजस्थान के पूर्व राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, परम रामभक्त, ‘पद्म विभूषण’ श्रद्धेय कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की जयंती के अवसर पर आज लखनऊ में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धेय ‘बाबूजी’ का कार्यकाल सुशासन, विकास और राष्ट्रवादी मिशन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा। उन्होंने अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ से जोड़कर निरंतर सार्थक किया। उनकी पावन स्मृतियों को नमन!