तनवीर खान, मैहर। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मध्यप्रदेश के मैहर में आस्था अपने चरम पर है। त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दरबार में देशभर से श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ और हर ओर “जय माता दी” के जयकारे गूंज रहे हैं। चैत्र नवरात्रि का पर्व भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। लगभग 600 फीट ऊंचे त्रिकूट पर्वत पर स्थित इस धाम में लाखों श्रद्धालु 1060 सीढ़ियों वा रोपवे से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
19 मार्च महाकाल भस्म आरती: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन भगवान महाकाल का आकर्षक श्रृंगार,
माता सती का हार यहीं गिरा था
मान्यता है कि मां शारदा देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। पौराणिक कथा के अनुसार के तांडव के दौरान के सुदर्शन चक्र से माता सती का हार यहीं गिरा था। इसी कारण इस स्थान का नाम मैहर पड़ा। मां शारदा देवी मंदिर के प्रधान पुजारी पवन पाण्डेय ने बताया कि मां शारदा देवी मैं की हरने वाली यानि के मैं का मतलब हमारे अंदर जो अहम आ जाता है उसे हरने वाली है।
आल्हा ब्रह्ममुहूर्त में माता की प्रथम पूजा करते
मंदिर से लोककथा में वीर योद्धा से भी जुड़ी है। कहा जाता है कि आल्हा आज भी ब्रह्ममुहूर्त में आकर माता की प्रथम पूजा करते हैं जिसके कई बार प्रमाण मिल चुके है जिसमें कई बार ऐसे फूल मिले जो आसपास कभी दिखाई भी नहीं दिए, कई बार माई के मंदिर के पट बंद होने का बाद जब सुबह दरवाजा खोला गया तो अगर बत्ती जलती पाई गई। पुजारी पवन पाण्डेय ने बताया कि मां शारदा की नौ दिनों में अलग अलग रूपों में पूजा की जाती है, जो भक्त मां शारदा देवी मंदिर दर्शन के लिए नहीं आ पाते वो मां शारदा देवी के नाम का जप करे व्रत रखे मां की कृपा बनी रहेगी।
सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी
नवरात्रि मेले के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। सैकड़ों सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है, 40 महिला पुलिसकर्मियों सहित 600 से ज्यादा जवान तैनात हैं, वो वही बम स्कॉट की टीमें भी सिविल ड्रेस में घूमते रहने जो 24 घंटे तैयार रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, स्वास्थ्य और भोजन की बेहतर व्यवस्था भी की गई है।


