पटना। बिहार में महिलाओं और बच्चियों के साथ बढ़ती हिंसा और उत्पीड़न के खिलाफ शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटना की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस महिला विंग की ओर से आर-ब्लॉक से विधानसभा तक मार्च निकाला गया, जिसे पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। हाथों में बैनर-पोस्टर लिए महिलाएं बलात्कार पर चुप्पी क्यों, नीतीश-मोदी शर्म करो और महिला हिंसा पर हल्ला बोल जैसे नारे लगा रही थीं।

​घर से निकलने में लगता है डर

​प्रदर्शन में शामिल जन्नत प्रवीण ने राज्य के भयावह हालातों को बयां करते हुए कहा कि बिहार में महिलाएं अब घर से निकलने में भी डरने लगी हैं। डर का आलम यह है कि कई माता-पिता ने अपनी बच्चियों की पढ़ाई रुकवा दी है और सुरक्षा के चलते उनकी कम उम्र में ही शादी करवा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि महिलाएं अब सिर्फ चुनावी मुद्दा बनकर रह गई हैं, हकीकत में वे पूरी तरह असुरक्षित हैं।

​सम्राट चौधरी पर हमला

​आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सीधे निशाने पर लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सम्राट चौधरी दो-दो महत्वपूर्ण पद संभाल रहे हैं, लेकिन वे एक भी जिम्मेदारी सही से नहीं निभा पा रहे हैं। उन्होंने हालिया नीट छात्रा मामले का जिक्र करते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट बलात्कार की पुष्टि कर रही है, जबकि प्रशासन इसे नकारने में जुटा है।

​सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन

​प्रदर्शन में शामिल विवेक कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार संवेदनहीन हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद अभी तक स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू क्यों नहीं किया गया है? विपक्षी नेताओं ने साफ किया कि जब तक महिलाओं को सुरक्षित माहौल नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।