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भोपाल। मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग (Madhya Pradesh Election Commission) ने पंचायत चुनाव (Panchayat Election) की तिथि जारी कर दी है। पंचायत चुनाव की तिथि जारी होने के बाद भी प्रदेश की सिसायत गर्म है। तिथि जारी होने के विरोध में कांग्रेस चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया (JP Dhanopia), सैय्यद जाफर समेत अन्य नेताओं ने पहले परिसीमन और आरक्षण को लेकर चर्चा करने के बाद कोर्ट जाने की बात कही थी। अब कांग्रेस ने कोर्ट जाने से इंकार कर दिया है। जेपी धनोपिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी (Congress Party) कोर्ट नहीं जाएगी। जो कोर्ट जाएगा उसकी मदद कांग्रेस करेगी। वहीं सूत्रों से जानकारी मिली है कि कांग्रेस के एक नेता अब भी कोर्ट जाने की मूड में हैं। और अभी भी कोर्ट जाने पर अड़े हुए हैं। 

वहीं शनिवार को पंचायत चुनाव की तिथि जारी होने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने कहा था कि राज्य निर्वाचन आयोग ने संविधानिक मंशा के विपरीत काम किया है। आरक्षण के बिना कोई भी चुनाव कोई भी मतदान नहीं हो सकता। कांग्रेस कोर्ट जा सकती है।

धनोपिया ने कहा था कि राज्यपाल ने आरक्षण, परिसीमन समाप्त करने का अध्यादेश जारी किया है। वहीं निर्वाचन आयोग के पास वैध मतदाता सूची उपलब्ध नहीं है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं है। सरकार चुनाव नहीं कराना चाहती उलझाना चाहती है, जो लोग दुखी होंगे न्यायालय की शरण में जाएंगे।

कमलनाथ ने भी साधा था निशाना 

पंचायत चुनाव की तिथि जारी होने के बाद पीसीसी चीफ कमलनाथ (PCC Chief Kamal Nath) ने भी शिवराज सरकार पर निशाना साधा था। कमलनाथ ने ट्विटर पर एक के एक कुल चार ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा था। कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि- हम तो पिछले कई समय से यह मांग कर रहे है कि प्रदेश में जल्द नगरीय निकाय व पंचायत के चुनाव हो लेकिन लगता है कि सरकार इन चुनावों से डरी हुई है। वह चुनाव करवाना नहीं चाहती है। वह चुनावों से भाग रही है। जब परिसीमन और आरक्षण को लेकर न्यायालय में विभिन्न याचिकाएं पहुंची है, तो आज अचानक आधे अधूरे में जल्दबाज़ी में पंचायत चुनाव की घोषणा समझ से परे है?