मैच्योरिटी रकम का भुगतान ना करने पर सहारा ग्रुप की कंपनियों पर लगा 7.96 लाख रुपये हर्जाना

दुर्ग। पाँच अलग-अलग परिवादियों की शिकायत पर सहारा ग्रुप की कंपनी सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड और सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा मैच्योरिटी राशि का भुगतान नहीं किया जाना प्रमाणित होने पर इस कृत्य को व्यवसायिक कदाचरण और सेवा में निम्नता करार देते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने सहारा ग्रुप की उक्त कंपनियों के विरुद्ध आदेश पारित करते हुए 7 लाख 96 हजार रुपये हर्जाना लगाया।

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यह थी शिकायत

पांच अलग-अलग मामलों में से बोरसी दुर्ग निवासी परिवादी जयप्रकाश साहू ने 77000 रुपये और पाटन निवासी देवकी बाई पटेल ने 112700 रुपये सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड में जमा कराए थे इसी प्रकार पद्मनाभपुर दुर्ग निवासी परिवादी बीना साहू और सेवालाल साहू ने सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी में रिकरिंग डिपॉजिट प्लान के तहत 60 माह तक लगातार 1000 रुपये जमा कराए थे जबकि एक अन्य मामले में शंकर नगर दुर्ग निवासी परिवादी बूंदकुंवर चंद्राकर ने सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में 100000 रुपये के बांड लेकर राशि निवेश किया था। सभी परिवादियों ने परिपक्वता तिथि के पश्चात रकम वापसी के लिए सहारा ग्रुप की कंपनियों के चक्कर लगाए परंतु उन्हें उनकी परिवक्वता राशि प्रदान नहीं की गई। प्रकरण में अनावेदक कंपनियों की ओर से वकील और मैनेजर उपस्थित हुए परंतु उनकी ओर से कोई जवाब पेश नहीं किया गया।

फोरम का फैसला

प्रकरण में पेश दस्तावेजों एवं प्रमाणों के आधार पर जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने सभी पांचों प्रकरणों में यह प्रमाणित पाया कि अनावेदक कंपनियों के पास परिवादियों ने रकम जमा कराई थी और परिपक्वता अवधि व्यतीत होने के बाद भी अनावेदक द्वारा परिवादियों को उनकी रकम मय ब्याज नहीं लौटाई गई, यह कृत्य सेवा में निम्नता और व्यवसायिक कदाचरण का परिचायक है।

जिला उपभोक्ता फोरम के जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने सहारा ग्रुप की अनावेदक कंपनियों पर 7 लाख 96 हजार 1 सौ 98 रुपये हर्जाना लगाते हुए पांचों परिवादियों को अनुतोष अदा करने का आदेश पारित किया, जो निम्नानुसार है :-

नाम – परिपक्वता राशि + मानसिक क्षति + वाद व्यय = कुल हर्जाना
1. जयप्रकाश साहू, 196350 + 15000 + 1000 = 212350
2. देवकी बाई पटेल, 272551 + 15000 + 1000 = 288551
3. बीना साहू, 60217 + 6000 + 1000 = 67217
4. सेवालाल साहू, 85892 + 6000 + 1000 = 92892
5. बूंदकुंवर चंद्राकर, 124188 + 10000 + 1000 = 135188

साथ ही परिपक्वता राशि पर 6% वार्षिक दर से ब्याज भी देने का आदेश दिया गया है।

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