हरियाणा में सरकारी काम में देरी अब बीते दिनों की बात हो गई है! राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ऑटो अपील सिस्टम (AAS) के जरिए अब तक 27.43 लाख मामलों में से 98.4% का निपटारा किया जा चुका है।

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी कामकाज में अब ढिलाई की गुंजाइश खत्म होती दिख रही है। हरियाणा लोक भवन में आज राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की साल 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में समय पर काम होने की रफ्तार में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने की अफसरों की पीठ थपथपाई
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ कर दिया कि जनता के काम में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उन अधिकारियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने शिकायतों का निपटारा करने में रिकॉर्ड बनाया है।
इन अधिकारियों का बढ़ा सम्मान
चंद्र शेखर खरे: मुख्य प्रशासक, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण।
धीरेंद्र खड़गटा: आयुक्त, नगर निगम फरीदाबाद।
होशियार सिंह: कार्यकारी अभियंता, DHBVN हिसार।
अनिल कुमार चौहान: कार्यकारी अभियंता, PHED नारायणगढ़।
अंशु सेठी व प्रशांत कुमार: तकनीकी विशेषज्ञ (NIC)।
AAS सिस्टम का कमाल: 98.4% शिकायतों का समाधान
दरअसल, हरियाणा सरकार का ऑटो अपील सिस्टम (AAS) गेमचेंजर साबित हुआ है। आयोग के अनुसार, अब तक 56 विभागों की 802 सेवाओं के लिए कुल 27.43 लाख अपील दर्ज हुईं, जिनमें से 26.98 लाख मामलों का समाधान कर दिया गया है। यानी सफलता की दर लगभग 98.4 प्रतिशत रही है।
क्या है ऑटो अपील सिस्टम (AAS)?
बता दें कि 1 सितंबर 2021 को शुरू हुए इस सिस्टम में अगर आपको तय समय सीमा में सेवा (जैसे जाति प्रमाण पत्र या बिजली कनेक्शन) नहीं मिलती, तो आपकी अपील अपने आप ऊंचे अधिकारियों तक पहुंच जाती है। आपको दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
इन सेवाओं पर रही पैनी नजर
वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि आय, निवासी, जाति और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नए बिजली कनेक्शन, पानी और सीवरेज से जुड़ी दिक्कतें, प्रॉपर्टी आईडी और चरित्र प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं में सबसे बेहतर सुधार हुआ है।
जनता पर क्या होगा असर?
गौरतलब है कि आयोग की इस रिपोर्ट और कड़े रुख से अब छोटे स्तर के कर्मचारियों और अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ेगी। प्रशासन की अगली कार्रवाई उन विभागों पर फोकस करेगी जहां अभी भी पेंडेंसी ज्यादा है। अब ‘डिजिटल हरियाणा’ के जरिए आम आदमी को घर बैठे समय पर सर्टिफिकेट और सुविधाएं मिलना और भी आसान हो जाएगा।
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