देख लीजिए सांसद महोदय जी…आपके मद का किस तरह से किया जाता है दुरुपयोग, नदी में कटाव रोकने के नाम पर कौन डकार गया 10 लाख रुपये ?

रोहित कश्यप,मुंगेली। मुंगेली जिले के अधिकतर ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं. कलेक्ट्रेट में रोजाना ग्रामीण इस तरह के शिकायतों का अंबार लेकर पहुंच रहे हैं. शिकायतों की पुष्टि हो जाने के बावजूद राजनीतिक संरक्षण और नेताओं की हस्तक्षेप की वजह से विभागीय अधिकारी एवं जिला प्रशासन की कार्रवाई भ्रष्टाचारियों पर बौना साबित हो रही है. यही वजह है कि इस तरह के करतूतों को अंजाम देने वालो के हौसले बुलंद होते जा रहे. हाल ही में 10 लाख रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसमें जिम्मेदार कार्रवाई करने से खौफ खा रहे हैं.

दरअसल,  ये मामला कोसमा पंचायत में सामने आया है, जिससे सिस्टम पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं. कोना पंचायत में रहन नदी के किनारे बाढ़ की वजह से भारी कटाव हुआ है, जिसे रोकने के लिए नियम विरुद्ध तरीके से ग्राम पंचायत कोसमा में रिटर्निंग वॉल बनाने की स्वीकृति दी गई, लेकिन निर्माण कार्य सिर्फ कागजों तक ही सीमित है. धरातल पर तो 10% कार्य भी नहीं हुआ है, जो कार्य हुआ भी है उस पर भी ग्रामीणों ने गुणवत्ता हीन कार्य कराने का आरोप लगाया है, क्योंकि निर्माण कार्य मे सीमेंट गिट्टी के सिवाए छड़ का नामो निशान नजर नहीं आ रहा है.

कटाव हुआ कोना पंचायत में, निर्माण एजेंसी कोसमा पंचायत

कोसमा पंचायत में सांसद मद से रिटर्निंग वॉल बनाने के लिए 10 लाख रुपए की स्वीकृति नियम विरुद्ध जाकर कर दी गई है, जबकि यह रिटर्निंग वॉल कोना पंचायत में बनना था. ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोसमा पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाई गई है. तब कार्य को पूरा करना था, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पैसे तो आहरित कर लिए गए हैं, लेकिन कार्य सिर्फ कागजों में ही सीमित है.

मंदिर, टॉयलेट घर का मकान और पक्की रोड कटाव में धराशायी

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में बाढ़ की वजह से नदी के किनारे इस कदर कटाव हुआ है कि वहां के रहवासियों के मंदिर, टॉयलेट से लेकर मकान भी धराशायी हो चुके हैं. इसके अलावा भुसण्डी गांव को मिलाने वाली पक्की सड़क भी इस कटाव के चपेट में आकर ध्वस्त हो चुकी है, जिससे वाहन तो दूर पैदल चलना भी अब खतरे से खाली नहीं है. ऐसे भीषण कटाव को रोकने के लिए शासन की ओर से 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है जो कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य कराये जाने की बजाय सरपंच व सचिव ने जमकर बंदरबांट किया है.

जिला सीईओ ने कही जांच कराने की बात

वहीं इस मामले में जिला पंचायत सीईओ रोहित व्यास का कहना है कि जनपद सीईओ के माध्यम से वे इसके बारे में जानकारी लेंगे अगर निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई है, तो सरपंच सचिव के विरुद्ध एक्शन लिया जाएगा. वहीं उनका यह भी कहना है कि अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए भी वे अधिकारियों को वे निर्देशित करेंगे, ताकि कटाव को रोका जा सके.

पंचायतो में गड़बड़ी की शिकायत आम बात.. कार्रवाई महज खानापूर्ति ?

बहरहाल, ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते यदि नदी में बढ़ते कटाव को नहीं रोका गया तो वे लोग घर से बेघर हो जाएंगे, क्योंकि उनकी जमीन लगातार नदी के कटाव में धंसती जा रही है. ऐसे में अब वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.

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