दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने धूल और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए चरणबद्ध तरीके से रोक लगाने का आदेश जारी किया है। सरकारी आदेश के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल पैदा करने वाली डिमोलिशन गतिविधियों और बाहरी सिविल कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक रहेगी।

10 दिसंबर से 20 जनवरी तक पूरी तरह रोक

सरकार ने प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए इससे भी सख्त अवधि तय की है। आदेश के अनुसार, 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक दिल्ली में कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस दौरान निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों को बंद रखना होगा। सरकार का उद्देश्य सर्दियों में धूल और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है। सर्दियों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित होने और प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने निर्माण गतिविधियों को लेकर पहले से प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया है। 1 नवंबर से शुरू होने वाले प्रतिबंधों के बाद दिसंबर में इन्हें और कड़ा किया जाएगा।

निर्माण गतिविधियों पर चरणबद्ध रोक

सरकारी आदेश के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल पैदा करने वाली डिमोलिशन गतिविधियों और बाहरी सिविल कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक रहेगी। इसके बाद 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। सरकार का उद्देश्य सर्दियों में निर्माण कार्यों से पैदा होने वाली धूल को नियंत्रित करना और प्रदूषण के स्तर को कम करना है।

पार्किंग शुल्क होगा दोगुना

सरकार ने निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग साइट्स पर मौजूदा पार्किंग शुल्क दोगुना करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। सरकार का यह कदम लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, पार्किंग शुल्क बढ़ाने का फैसला दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की ओर से संचालित और प्रबंधित पार्किंग साइट्स पर लागू नहीं होगा। यानी डीएमआरसी की पार्किंग इस व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेगी।

दफ्तरों के समय में भी बदलाव

सर्दियों के दौरान ट्रैफिक और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी तक सरकारी दफ्तरों के समय में भी बदलाव करने का फैसला किया है। MCD के तहत आने वाले दफ्तर: सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक, GNCTD के तहत आने वाले दफ्तर: सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक अलग-अलग समय पर दफ्तर खुलने और बंद होने से पीक आवर्स में सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने की कोशिश की जाएगी।

सरकारी-प्राइवेट दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम

सरकार ने सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम करने का निर्देश देने का भी फैसला किया है। यानी आधे कर्मचारी घर से काम करेंगे, जबकि बाकी 50 फीसदी कर्मचारी दफ्तर से काम करेंगे। यह व्यवस्था भी 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे दफ्तर आने-जाने वाले कर्मचारियों की संख्या और निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने में मदद मिल सकती है। सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने निर्माण गतिविधियों, पार्किंग शुल्क, कार्यालय समय और वर्क फ्रॉम होम समेत कई स्तरों पर कदम उठाने की तैयारी की है।

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