Business Desk – Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार, 3 नवंबर को हल्की रिकवरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 104.80 डॉलर और अमेरिकी WTI 96.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं MCX पर क्रूड ऑयल का 19 नवंबर एक्सपायरी वाला वायदा सुबह 10:04 बजे 9,185 रुपए प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

सोमवार को 7% से ज्यादा टूटा था कच्चा तेल

सोमवार को ब्रेंट और WTI दोनों बेंचमार्क की कीमतों में 7% से ज्यादा की गिरावट आई थी। ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच बातचीत से अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होने की उम्मीद बढ़ी थी। इससे बाजार में सप्लाई बाधित होने की आशंका कुछ कम हुई और तेल की कीमतों पर दबाव आया।

मंगलवार को अमेरिका की ओर से ईरान के क़ेश्म आइलैंड पर हमले की खबर के बाद कीमतों में हल्की तेजी लौटी। Reuters के मुताबिक, सुबह 3:55 GMT तक WTI 0.21% बढ़कर 96.66 डॉलर और ब्रेंट 0.03% बढ़कर 104.80 डॉलर प्रति बैरल पर था।

MCX पर क्रूड ऑयल 1.25% चढ़ा

घरेलू वायदा बाजार MCX पर 19 नवंबर एक्सपायरी वाला क्रूड ऑयल कॉन्ट्रैक्ट सुबह 10:04 बजे 9,185 रुपए प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 113 रुपए यानी 1.25% की तेजी थी। कारोबार के दौरान इसका भाव 9,120 से 9,187 रुपए के बीच रहा।

ईरान-अमेरिका तनाव से तेल बाजार में हलचल

कच्चे तेल की कीमतों पर सबसे बड़ा असर पश्चिम एशिया के तनाव का है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई गुजरती है। युद्ध के कारण इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही पहले ही प्रभावित हुई है।

ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत जारी है, लेकिन कतर की मध्यस्थता में हुई बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी ईरान के साथ समझौते की संभावना जताई है। ऐसे में बाजार की नजर आगे होने वाली बातचीत और तेल सप्लाई की स्थिति पर बनी हुई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर तेल की सप्लाई या ऊर्जा ढांचे को वास्तविक नुकसान पहुंचता है तो कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। केवल तनाव से जुड़ी खबरों के आधार पर बड़ी तेजी टिकना मुश्किल हो सकता है।