Business Desk- Crude Oil Price Today : अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़ते तनाव के कारण 28 सितंबर 2026, सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर के जरिए भेजे गए ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद सोमवार सुबह 7 बजे तक Brent Crude 1.70% की तेजी के साथ 106 डॉलर प्रति बैरल के पार, जबकि WTI Crude 1.39% चढ़कर 93 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। इस तेजी से पिछले कारोबारी सत्रों में आई गिरावट की भरपाई हुई है।

होर्मुज खुलने में और हो सकती है देरी
ईरान के प्रस्ताव को अमेरिका द्वारा खारिज किए जाने के बाद Strait of Hormuz के दोबारा खुलने और तेल सप्लाई सामान्य होने में और समय लगने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की शर्तों और उसके कदमों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि तेहरान ने अपनी सभी हदें पार कर दी हैं।
इस सप्ताह बातचीत की उम्मीद
पिछले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत शुरू होने की उम्मीद बढ़ी थी। अब एक बार फिर इस सप्ताह दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, ट्रंप द्वारा ईरान का प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद तेहरान की ओर से कहा जा रहा है कि वह अपनी शर्तों में कोई ढील नहीं देगा। ईरान अब अमेरिका की निर्णायक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।
अमेरिका डीजल निर्यात पर लगा सकता है रोक
Trading Economics के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका भी क्रूड से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए अमेरिका डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।
भारत के लिए क्या मायने?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश पर भी पड़ता है। क्रूड महंगा होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। यदि आने वाले महीनों में भी कीमतें इसी स्तर के आसपास रहती हैं, तो भारत में ईंधन की कीमतों पर भी बढ़ोतरी का दबाव देखने को मिल सकता है।


