सतीश दुबे, डबरा ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र से एक सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। डबरा के मशहूर सर्राफा कारोबारी मनोज सोनी का शव जल संसाधन और एसडीआरएफ (SDRF) टीम की कड़ी मशक्कत के बाद 5 दिन बाद सिंध नदी से बरामद हुआ है। मनोज सोनी हनी ट्रैप, उधारी के पैसे न मिलने और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर सिंध नदी में कूद गए थे। रविवार को नदी का जलस्तर और बहाव कम होने पर उनका शव पत्थरों के बीच फंसा हुआ मिला।
सिंध नदी में छलांग लगाने से पहले मनोज सोनी ने दो पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा था। सुसाइड नोट में उन्होंने ग्राम खडवई निवासी प्रवेश बघेल, बृजेंद्र सिंह बघेल और मनीष बघेल पर ढाई लाख रुपये हड़पने और उल्टा उन्हें झूठे मामले में फंसाकर ब्लैकमेल करने का सीधा आरोप लगाया है। मृतक के अनुसार, जब उन्होंने अपने ही दिए पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी।
डबरा के 3 सर्राफा कारोबारियों के नाम भी शामिल
हैरान कर देने वाली बात यह है कि सुसाइड नोट में केवल गांव के आरोपी ही नहीं, बल्कि डबरा के ही तीन प्रमुख सर्राफा कारोबारियों के नाम भी दर्ज हैं। आरोप है कि ये कारोबारी भी उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
परिजनों ने लगाया पुलिस पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद मृतक के भाई सतीश सोनी ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग उठाई है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस गंभीर मामले में शुरुआत से ही लापरवाही बरत रही है और नामजद आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
मामले की जानकारी देते हुए भितरवार थाना प्रभारी बलबीर मावई ने बताया कि एसडीआरएफ की मदद से शव को नदी से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुसाइड नोट को जांच में शामिल कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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