वाराणसी के दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बचे भवनों को हटाने की अंतिम कार्रवाई सोमवार को की जा रही है. 650 मीटर लंबे मार्ग को 17.4 से 17.5 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है और नवंबर तक सीवर, ड्रेनेज व सड़क निर्माण का काम पूरा करने का लक्ष्य है.
वाराणसी. दालमंडी इलाके में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बचे भवनों को हटाने की अंतिम ध्वस्तीकरण कार्रवाई सोमवार को की जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में चल रही इस परियोजना के तहत करीब 187 भवनों को चिन्हित किया गया था. प्रशासन का लक्ष्य कार्रवाई पूरी करने के बाद दिसंबर तक दालमंडी का बदला हुआ स्वरूप सामने लाना है.
अंतिम कार्रवाई शुरू
वाराणसी पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता केके सिंह के मुताबिक, चौड़ीकरण के लिए करीब 187 भवन चिन्हित किए गए थे और प्रभावित संपत्तियों की रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया भी कराई गई. उनके अनुसार, 181 भवन पहले ही हटाए जा चुके हैं और शेष करीब 10 भवनों में से 6 से 7 को सोमवार को हटाने की कार्रवाई की जाएगी.

परियोजना के विवरण के मुताबिक अब तक 183 भवन हटाए जा चुके हैं. वहीं, कुछ संपत्तियां ऐसी हैं जिन्हें रजिस्ट्री की आवश्यकता नहीं है, बल्कि जर्जर होने या नक्शा स्वीकृत नहीं होने के कारण अलग प्रक्रिया के तहत हटाया जाना है.
विश्वनाथ कॉरिडोर तक रास्ता
दालमंडी मार्ग को चौड़ा करने की इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की यातायात क्षमता बढ़ाने के साथ विश्वनाथ कॉरिडोर तक एक नया मार्ग उपलब्ध कराना है. परियोजना के तहत करीब 650 मीटर लंबे मार्ग को 17.4 से 17.5 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है, जिसमें फुटपाथ भी शामिल होगा.
मुख्य अभियंता के अनुसार, भवनों को हटाने के साथ सीवर और ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाने का काम भी चल रहा है. अब तक करीब 70 मीटर भूमिगत सीवर पाइपलाइन और पेयजल पाइप बिछाने का काम पूरा किया जा चुका है, जबकि नवंबर तक संबंधित कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
दिसंबर तक नया स्वरूप
प्रशासन के अनुसार, परियोजना में कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के कारण प्रक्रिया में समय लगा. ध्वस्तीकरण से पहले प्रभावित भवन मालिकों को अपनी संपत्तियों के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के लिए समय दिया गया था.
चौड़ीकरण परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की ओर से विरोध भी हुआ था, हालांकि बाद में कुछ लोगों ने इसका समर्थन किया. कुछ प्रभावित लोगों ने अपनी संपत्तियों के ध्वस्तीकरण और उचित मुआवजा नहीं मिलने को लेकर चिंता भी जताई थी.
पुलिस की तैनाती
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी के मुताबिक, पीएसी और स्थानीय पुलिस के 200 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है.
अधिकांश भवन हटाए जा चुके हैं और शेष भवनों को हटाने के दौरान लगातार अनाउंसमेंट कराया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने, सड़क निर्माण और सीवर से जुड़े काम को आगे बढ़ाया जाएगा.
परियोजना के तहत नवंबर तक सड़क, सीवर और अन्य संबंधित कार्य पूरे करने का लक्ष्य है. इसके बाद दिसंबर तक दालमंडी में सड़क और हटाए गए भवनों की जगह विकसित किए जा रहे नए स्वरूप का काम दिखाई देने लगेगा.

