मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कथित मतभेद की खबरों के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। आयोग ने कहा है कि SIR समेत हाल के महीनों में लिए गए सभी महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

SIR को लेकर आयोग का क्या कहना है?

शनिवार को हुई अहम बैठक में CEC ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त मौजूद रहे। बैठक के बाद जारी प्रेस रिलीज में चुनाव आयोग ने कहा कि SIR को लेकर पहला आदेश 24 जून 2025 को जारी किया गया था और इसकी शुरुआत बिहार से हुई थी। इसके बाद पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

आयोग के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2025 को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का शेड्यूल सर्वसम्मति से जारी किया गया। इसके बाद 14 मई 2026 को 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कार्यक्रम जारी किया गया। आयोग ने यह भी कहा कि बचे हुए 12 राज्यों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही मतदाताओं की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।

ECINET की होगी स्वतंत्र समीक्षा

चुनाव आयोग ने बताया कि ECINET सिस्टम की समीक्षा के लिए सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। इसमें IIT/IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। कमेटी यह जांचेगी कि सिस्टम कानून और नियमों के अनुरूप काम कर रहा है या नहीं।

दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी समयसीमा

आयोग ने दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 और उनके निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर 2026 कर दी है। महाराष्ट्र में यह समयसीमा क्रमशः 12 अक्टूबर और 10 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

रविशंकर प्रसाद का राहुल गांधी पर हमला

बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने SIR को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने एक अखबार की रिपोर्ट के आधार पर बेबुनियाद आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की बैठक में CEC और दोनों चुनाव आयुक्त मौजूद थे और आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

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