Business Desk – Defense Orders Rise 19% : भारत का रक्षा विनिर्माण क्षेत्र अब सिर्फ नए ऑर्डर हासिल करने तक सीमित नहीं है। कंपनियों के सामने पहले से मिले बड़े ऑर्डर को तय समय पर पूरा करने की चुनौती भी बढ़ गई है। Elara Securities की हालिया तिमाही रिपोर्ट के मुताबिक, Larsen & Toubro को छोड़कर बड़ी पूंजीगत सामान कंपनियों में दूसरी तिमाही के दौरान रक्षा क्षेत्र से जुड़े ऑर्डर 19% बढ़कर 8,600 करोड़ रुपये रहे।

हालांकि QRSAM, प्रोजेक्ट-75आई और नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट्स जैसे बड़े रक्षा प्रोजेक्ट में देरी का असर नए ऑर्डर मिलने की समयसीमा पर पड़ा है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कंपनियों के लिए नए ऑर्डर से ज्यादा पुराने ऑर्डर का काम पूरा करना महत्वपूर्ण हो सकता है।
बड़े रक्षा ऑर्डर से कमाई तक कैसे पहुंचता है पैसा?
किसी रक्षा कंपनी को बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिलना केवल पहला चरण होता है। इसके बाद उत्पादन, सिस्टम को जोड़ना, परीक्षण और अंत में सेना को डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी होती है। इसी पूरी प्रक्रिया के बाद ऑर्डर का असर कंपनी की आय में दिखाई देता है।
Elara Securities के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में इस काम को समय पर पूरा करने का असर कई रक्षा कंपनियों के तिमाही नतीजों में दिखाई दे सकता है।
दूसरी तिमाही में रक्षा ऑर्डर 19% बढ़े
दूसरी तिमाही में Larsen & Toubro को छोड़कर बड़ी पूंजीगत सामान कंपनियों का कुल ऑर्डर करीब 35,000 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल मिले 62,300 करोड़ रुपये के HAL LCA Mk-1 ऑर्डर को अलग कर दें तो यह आंकड़ा करीब 10% कम है।
इसके बावजूद रक्षा क्षेत्र से जुड़े ऑर्डर में मजबूती बनी रही। दूसरी तिमाही में रक्षा ऑर्डर 19% बढ़कर 8,600 करोड़ रुपये रहे।
Bharat Electronics को कई क्षेत्रों से मिले ऑर्डर
Bharat Electronics को दूसरी तिमाही में संचार उपकरण, रडार, एवियोनिक्स, टैंक से जुड़े उपकरण, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, साइबर सुरक्षा, सीमा सुरक्षा, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, जैमर, बैटरी, स्पेयर, सेवा, गोला-बारूद फ्यूज और सीबीआरएन सिस्टम से जुड़े ऑर्डर मिले।
इससे कंपनी के रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में अलग-अलग क्षेत्रों से मिलने वाले ऑर्डर की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
Bharat Dynamics को 810.8 करोड़ रुपये का ऑर्डर
भारत डायनेमिक्स को भारतीय वायुसेना से सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड हथियार और इससे जुड़े उपकरणों के लिए 810.8 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। इसका असर आने वाली तिमाहियों में उत्पादन और डिलीवरी के जरिए कंपनी की आय में दिखाई दे सकता है।
Zen Technologies को मिले 472.5 करोड़ रुपये के ऑर्डर
Zen Technologies को दूसरी तिमाही में 295 करोड़ रुपये का सिमुलेटर आपूर्ति ऑर्डर मिला। इसके अलावा 177.5 करोड़ रुपये का टैंक और क्रू गनरी सिमुलेटर उन्नयन एवं एकीकरण ऑर्डर भी मिला। दोनों ऑर्डर को मिलाकर कंपनी को 472.5 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले।
रडार कारोबार में भी बड़ी हलचल
Data Patterns को Bharat Electronics से 585.8 करोड़ रुपये का रडार इलेक्ट्रॉनिक्स ऑर्डर मिला है। वहीं Astra Microwave Products को Hindustan Aeronautics से उत्तम रडार कार्यक्रम के लिए 122 एएएयू और 121 इंटरफेस फ्रेम के लिए 2,205.2 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला।
BEML को Hindustan Aeronautics से लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर के फ्यूजलेज एयरोस्ट्रक्चर के निर्माण और आपूर्ति के लिए 184.3 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है।
HAL की डिलीवरी पर रहेगी बाजार की नजर
Elara Securities के अनुमान के मुताबिक, Hindustan Aeronautics का दूसरी तिमाही का राजस्व 15.2% बढ़कर 7,635.6 करोड़ रुपये रह सकता है। पिछले साल इसी अवधि में यह 6,628.6 करोड़ रुपये था।
कंपनी का EBITDA 30.7% बढ़कर 2,036.4 करोड़ रुपये और समायोजित लाभ 16% बढ़कर 1,935.8 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। तेजस ट्रेनर, HTT-40 और ध्रुव LUH की डिलीवरी से कंपनी के राजस्व को सहारा मिलने की उम्मीद है।
अनुमान के मुताबिक, HAL का राजस्व वित्त वर्ष 2027 में 37,231.3 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2028 में 44,092.2 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2029 में 51,307 करोड़ रुपये रह सकता है।
BEL, BDL और Zen के लिए भी अहम समय
Bharat Electronics का दूसरी तिमाही का राजस्व 12% बढ़कर 6,487.1 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। EBITDA 1,778 करोड़ रुपये और लाभ 1,342.1 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2027, 2028 और 2029 के लिए राजस्व अनुमान क्रमशः 32,655 करोड़ रुपये, 38,298.8 करोड़ रुपये और 44,668.2 करोड़ रुपये हैं।
भारत डायनेमिक्स का दूसरी तिमाही का राजस्व 25.4% बढ़कर 1,438.9 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में यह 572.2 करोड़ रुपये था। EBITDA 219.4 करोड़ रुपये और लाभ 236.3 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
Zen Technologies का दूसरी तिमाही का राजस्व 50% बढ़कर 260.4 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 173.6 करोड़ रुपये था। लाभ 61 करोड़ रुपये से बढ़कर 74.6 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
GRSE और Solar Industries पर भी नजर
Elara Securities ने Garden Reach Shipbuilders & Engineers के राजस्व में दूसरी तिमाही के दौरान 15% और Solar Industries में 41% वृद्धि का अनुमान लगाया है। Solar Industries को रक्षा के साथ निर्यात ऑर्डर से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
अब सिर्फ ऑर्डर बुक नहीं, काम पूरा करना भी जरूरी
रक्षा कंपनियों के लिए बड़ी ऑर्डर बुक होना अपने आप में पर्याप्त नहीं है। उत्पादन क्षमता, जरूरी सामान की उपलब्धता, सिस्टम को जोड़ने की प्रक्रिया, परीक्षण और समय पर डिलीवरी यह तय करते हैं कि किसी ऑर्डर का असर कंपनी की कमाई में कब दिखाई देगा।
इसी वजह से अब निवेशकों की नजर सिर्फ नए रक्षा ऑर्डर पर नहीं, बल्कि पहले से मिले ऑर्डर को कितनी तेजी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, इस पर भी रहेगी।
QRSAM, प्रोजेक्ट-75आई और नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट्स जैसे बड़े प्रोजेक्ट में देरी अभी भी चुनौती बनी हुई है। हालांकि पहले से मिले ऑर्डर का समय पर काम पूरा होना आने वाली तिमाहियों में रक्षा कंपनियों के राजस्व को मजबूत आधार दे सकता है।

