मुजफ्फरपुर। देहरादून में 16.600 किलो गांजा जब्ती के मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच का दायरा बिहार तक फैल गया है। एनसीबी ने इस मामले में मुजफ्फरपुर से एक मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है, जिसका कनेक्शन सीधे इस नॉर्टोक्सिस रैकेट से जुड़ता हुआ पाया गया है।

​मुजफ्फरपुर से सप्लायर की गिरफ्तारी

​एनसीबी की देहरादून जोनल इकाई ने मुजफ्फरपुर के गायघाट क्षेत्र के रहने वाले रामललित राय को गिरफ्तार किया है। उसे 14 अक्टूबर की सुबह 9 बजे बेनीबाद थाना परिसर से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय अदालत में पेश करके उसे तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया, जिसके बाद एनसीबी की टीम उसे देहरादून ले गई है। वहां उसे एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा।

​कब और कहां हुई थी शुरुआत

​यह मामला 12 सितंबर का है, जब देहरादून के गाजियावाला स्थित लक्ष्मण साहनी के कबाड़ गोदाम से 16.600 किलो गांजा बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस ने कबाड़ गोदाम मालिक लक्ष्मण साहनी (उम्र करीब 55 वर्ष) और दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के भटनी गांव निवासी दिनेश मुखिया (उम्र करीब 28 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, 1985 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

​बैंक अकाउंट और कॉल रिकॉर्ड्स से खुला राज

​जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए लक्ष्मण साहनी और दिनेश मुखिया के बयान में रामललित राय का नाम सामने आया था। इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि लक्ष्मण साहनी के बैंक अकाउंट से रामललित राय के अकाउंट में 11 अलग-अलग ट्रांजैक्शंस के जरिए कुल 3 लाख 63 हजार 701 रुपये भेजे गए थे। एनसीबी को शक है कि यह रकम गांजा खरीदने के लिए दी गई थी। इसके अलावा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) से भी तीनों के आपस में संपर्क होने की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।