नई दिल्ली। देशभर में NEET-PG counseling समय पर करने की मांग को लेकर बीते कुछ दिनों से डॉक्टरों की हड़ताल चल रही है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं. इसी बीच दिल्ली कांग्रेस डॉक्टरों के समर्थन में उतरकर सरकार पर हमलावर हो रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि केन्द्र सरकार काउंसलिंग कराने की बजाय पुलिस द्वारा लाठी बरसाकर अत्याचार करवा रही है. दरअसल मामला बढ़ता देख केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया बीच में आए और उन्होंने रेजिडेंट डॉक्टरों से बात की है. उन्होंने डॉक्टरों के साथ हुई बैठक के बाद बताया कि सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है, इसलिए काउंसलिंग में देरी हुई है. 6 जनवरी को मामले की सुनवाई होनी है. हम अपना जवाब इससे पहले कोर्ट में दाखिल कर रहे हैं, जिससे काउंसलिंग में देरी नहीं हो.

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि केन्द्र सरकार के असंवेदनशील रवैये के कारण दिल्ली सहित पूरे देश के राज्यों के सभी सीनियर और जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर हैं, जिसके कारण मरीजों को नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री हस्तक्षेप करके देशहित में नीट काउंसिलिंग के लिए तुरंत हल निकालें. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर फूल बरसाने वाली मोदी सरकार के इशारे पर पुलिस डॉक्टरों पर लाठी बरसा रही है. डॉक्टर अस्पतालों में खाली पड़े पदों को भरने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं, जबकि दिल्ली के अस्पतालों में भी डॉक्टरों के सैकड़ों पद खाली हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपने चुनावी उदेश्यों के कारण डॉक्टरों की मांग पर ध्यान नही दे रहे हैं.

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इसके अलावा दिल्ली कांग्रेस ने समय की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को राजनीति से ऊपर उठकर इस मसले पर प्रधानमंत्री मोदी से बात करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कोविड 19 के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के संकट के समय आज अस्पतालों में डॉक्टरों की अधिक जरूरत है, लेकिन मोदी और केजरीवाल को लोगों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है, कोविड महामारी के संकट के समय को देखते हुए केन्द्र सरकार को तुरंत प्रभाव से पीजी कॉउसलिंग पर निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि देश भर में रेजीडेंट डॉक्टरों की पहले से ही कमी है. दरअसल सोमवार रात विरोध कर रहे डॉक्टरों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद डॉक्टरों ने सरोजिनी नगर थाने का घेराव किया. साथ ही पुलिस ने डॉक्टरों पर केस दर्ज किया, तो डॉक्टरों ने मंगलवार सुबह 8 बजे दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप कर दीं. इसके बाद दिल्ली के अस्पतालों में मरीजों को काफी परेशानी भी हुई.