दिल्ली में जल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह (Pravesh Verma) ने बुधवार को नई दिल्ली के शिवाजी मार्ग स्थित JWIL Infra Limited के कार्यालय में ‘इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ (IC³) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जल मंत्री ने एक विशेष इमरजेंसी रिस्पॉन्स गाड़ी को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य जल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया देने की क्षमता को मजबूत करना है।
पानी की बर्बादी और पाइपलाइन लीकेज पर रहेगी नजर
इस पहल का उद्देश्य दिल्ली के जल आपूर्ति नेटवर्क की निगरानी को बेहतर बनाना, पानी की बर्बादी कम करना और पाइपलाइन में लीकेज या जल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके लिए इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (IC³) को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जहां नेटवर्क की निगरानी, रखरखाव, ग्राहकों की शिकायतों और फील्ड ऑपरेशन्स से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी। वहीं, विशेष उपकरणों से लैस इमरजेंसी रिस्पॉन्स गाड़ी बड़ी पाइपलाइनों में लीकेज की मरम्मत के लिए जरूरी उपकरण और संबंधित टीम को मौके पर पहुंचाने में लगने वाला समय कम करने में मदद करेगी। इससे जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं पर तेजी से कार्रवाई करने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
जल प्रबंधन में तकनीक की अहम भूमिका: प्रवेश साहिब सिंह
इस अवसर पर जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि जल प्रबंधन का मतलब केवल लोगों तक पानी पहुंचाना नहीं है, बल्कि पानी की बर्बादी रोकना, समस्याओं का समय रहते पता लगाना और पाइपलाइन में लीकेज या अन्य बाधाओं के कारण लोगों को होने वाली परेशानी को कम करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसका असर दिल्ली के लोगों के रोजमर्रा के जीवन में दिखाई दे।
IC³ सेंटर नेटवर्क किस तरह करेगा काम?
इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (IC³) के माध्यम से SCADA सिस्टम, जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GIS), स्मार्ट मीटर, उपभोक्ताओं की शिकायतों, रखरखाव व्यवस्था और GPS से जुड़े फील्ड वाहनों का डेटा एकीकृत किया जाएगा। इससे अधिकारियों को जल आपूर्ति नेटवर्क की स्थिति पर नजर रखने, संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और मरम्मत टीमों की लोकेशन ट्रैक करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, शिकायतों पर की गई कार्रवाई की स्थिति की भी समीक्षा की जा सकेगी। इस एकीकृत व्यवस्था से जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
AI और डिजिटल ट्विन तकनीक का होगा इस्तेमाल
इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (IC³) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल ट्विन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से पाइपलाइन फटने की संभावनाओं का पूर्वानुमान लगाने, कम दबाव वाले क्षेत्रों की पहचान करने और पानी की मांग के पैटर्न को समझने में सहायता मिलेगी। इससे जल आपूर्ति व्यवस्था को केवल समस्या सामने आने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित रखने के बजाय, संभावित समस्याओं की पहले से पहचान करने की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे रखरखाव और मरम्मत की योजना बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
पानी की बर्बादी रोकना सरकार का मकसद
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने तकनीक के साथ जवाबदेही को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पानी की बर्बादी कम करना, मरम्मत कार्य में तेजी लाना और जवाबदेही बढ़ाना है। उनके मुताबिक, किसी शिकायत के मिलने पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए और यह भी ट्रैक किया जा सके कि उस पर क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे अधिकारी मौके पर बेहतर निर्णय ले सकें और दिल्ली के लोगों को जल आपूर्ति से जुड़ी बेहतर सेवाएं मिल सकें।
लोकेशन ट्रैक कर मौके पर पहुंचेगा इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन
JWIL वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड की चंद्रावल जल आपूर्ति परियोजना के पैकेज 2, 3 और 4 पर काम कर रही है। इन पैकेजों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में दिल्ली की लगभग 10 प्रतिशत आबादी और भौगोलिक क्षेत्र शामिल हैं। इनमें कई महत्वपूर्ण वीआईपी क्षेत्र भी आते हैं। इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन को बड़ी पाइपलाइनों की मरम्मत के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें हाई-कैपेसिटी सबमर्सिबल डी-वॉटरिंग पंप, 60 kVA का जनरेटर सेट और मरम्मत के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल पर बिजली की उपलब्धता नहीं होने पर भी आवश्यक कार्य किए जा सकेंगे। IC³ सेंटर के माध्यम से GPS की मदद से वाहन की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। इससे जरूरत के मुताबिक वाहन को संबंधित स्थान पर भेजने और मरम्मत टीम के साथ समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
मरम्मत में देरी और पानी की बर्बादी कम करने में मिलेगी मदद
इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन से पाइपलाइन की मरम्मत में होने वाली देरी कम करने और जल आपूर्ति बाधित रहने की अवधि घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, पानी की बर्बादी और सड़कों को होने वाले नुकसान को कम करने में भी यह उपयोगी साबित हो सकता है। वाहन चंद्रावल परियोजना के तीनों पैकेजों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता करेगा।
आपात स्थिति में समय की होगी बचत
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि पानी की बड़ी पाइपलाइन में लीकेज होने पर कुछ मिनट भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। आपात स्थिति आने के बाद उपकरणों की व्यवस्था करने के बजाय, जरूरी उपकरण पहले से तैयार रहने से समय बचाया जा सकता है और जल आपूर्ति जल्द बहाल करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को ऐसी व्यावहारिक व्यवस्थाओं की जरूरत है, जिनका लाभ सीधे लोगों को मिले और जो जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हों।
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