दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) के एक कथित बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आजादपुर के केवल पार्क में आयोजित रामलीला के दौरान दिए गए उनके भाषण का एक हिस्सा सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। AAP नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर भाषण का वीडियो साझा किया, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।
‘हर एक राम को मारना होगा’ वाले कथित बयान पर विवाद
विवादित वीडियो के जिस हिस्से को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के हवाले से कथित तौर पर कहा जा रहा है, “हर एक राम को मारना होगा” और “जब तक हर एक राम मारा न जाए, समाज साफ-सुथरा न हो जाए।” इन कथित टिप्पणियों को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। वीडियो के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री के बयान के आशय और संदर्भ को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
AAP ने कहा- हर सनातनी और राम भक्त शर्मिंदा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कथित बयान को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। AAP ने कहा कि आज हर सनातनी और राम भक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से शर्मिंदा है। पार्टी ने इस कथित बयान को बेशर्मी की हद बताते हुए भाजपा की विचारधारा पर भी सवाल उठाए और इसे कथित राम-विरोधी मानसिकता से जोड़ने की कोशिश की। AAP नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने रामलीला के दौरान दिए गए भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री के कथित बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। हालांकि, वीडियो के सामने आए अंश के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच पूरे भाषण का संदर्भ जानना भी महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस ने रेखा गुप्ता और PM मोदी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कथित बयान को लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता प्रियंका कक्कड़ ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा, “रेखा गुप्ता राम को मार रही हैं, मोदी जी ने पहले ही रामराज्य को मार दिया है।” प्रियंका कक्कड़ की इस टिप्पणी के जरिए कांग्रेस ने भाजपा और केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। इस तरह रामलीला के दौरान दिए गए मुख्यमंत्री के भाषण के एक अंश ने दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के कथित बयान को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, खबर लिखे जाने तक भाजपा की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से भी कथित बयान के संदर्भ में किसी स्पष्टीकरण की जानकारी उपलब्ध नहीं थी। फिलहाल, विवाद का केंद्र भाषण का सामने आया अंश है। पूरे भाषण का संदर्भ और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
13 अक्टूबर को रामलीला में शामिल हुई थीं CM रेखा गुप्ता
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 13 अक्टूबर को दिल्ली के आजादपुर स्थित केवल पार्क में आयोजित रामलीला में शामिल हुई थीं। इस कार्यक्रम में भाजपा विधायक राजकुमार भाटिया भी मौजूद थे। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से संबोधन दिया था। बाद में उनके भाषण के एक हिस्से को सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने वीडियो के आधार पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। हालांकि, सामने आए अंश के आधार पर उठाए जा रहे सवालों के बीच पूरे भाषण का संदर्भ जानना भी जरूरी है, ताकि कथन के आशय को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
पहले भी बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सार्वजनिक कार्यक्रमों और भाषणों में दिए गए कुछ बयानों को लेकर पहले भी चर्चा या विवाद हो चुका है। कुछ मामलों में उन्होंने खुद अपनी जुबान फिसलने की बात स्वीकार की थी। ताजा मामले में भी रामलीला के दौरान दिए गए भाषण के एक अंश को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। फिलहाल, विवादित अंश के पूरे संदर्भ और मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्टीकरण सामने आने का इंतजार है।
1. ‘ब्रिटिश सरकार’ की जगह ‘कांग्रेस सरकार’ कहने पर हुआ विवाद
6 जनवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा में भगत सिंह और उनके साथियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कथित तौर पर कहा था कि भगत सिंह ने बहरी कांग्रेस सरकार के खिलाफ बम फेंका था। इस बयान को लेकर विवाद हुआ। बाद में मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि वह ‘ब्रिटिश सरकार’ कहना चाहती थीं, लेकिन गलती से ‘कांग्रेस सरकार’ कह गईं।
2. AQI की जगह ‘AIQ’ बोलने का वीडियो हुआ वायरल
दिसंबर 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का उच्चारण ‘AIQ’ करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि, इस घटना की सटीक तारीख की पुष्टि नहीं हो सकी। बाद में विधानसभा में उन्होंने भावुक होकर कहा था कि बोलते समय उनसे गलतियां हो जाती हैं।
3. नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम को लेकर हुई थी गलती
21 दिसंबर 2025 को दिल्ली में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम लेते हुए कथित तौर पर गलती से ‘नेताजी सुभाष पैलेस’ कह दिया था। इस टिप्पणी को लेकर भी उनकी आलोचना हुई थी।
इन घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री के सार्वजनिक भाषणों को लेकर पहले भी राजनीतिक चर्चाएं हुई हैं। अब आजादपुर के केवल पार्क में रामलीला के दौरान दिए गए उनके कथित बयान का अंश सामने आने के बाद एक बार फिर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।
अब बयान पर स्पष्टीकरण का इंतजार
आजादपुर की रामलीला में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कथित बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है, जबकि भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया और मुख्यमंत्री के आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है। इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि मुख्यमंत्री के भाषण का पूरा संदर्भ क्या था और वायरल वीडियो के अंश में कही गई बात का आशय क्या था। पूरे भाषण और आधिकारिक स्पष्टीकरण के सामने आने के बाद ही विवाद की पृष्ठभूमि और बयान के संदर्भ को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा। फिलहाल, कथित बयान ने दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
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