दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में छात्रों के निजी पीजी, किराए के फ्लैट और निजी हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने प्राइवेट पीजी, किराए के फ्लैट और हास्टल में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सलाहकार और निगरानी समितियां बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर जवाब मांगा है.

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन इमारत हादसे के मद्देनजर पेइंग गेस्ट (पीजी) अकोमोडेशन, किराए के फ्लैट और हाॅस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काॅलेज, विश्वविद्यालय और जिला स्तर पर छात्र आवास सलाहकार और निगरानी समितियां बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाब मांगा है.

याचिका में कहा गया है कि सत्य निकेतन हादसे ने निजी छात्र आवासों की निगरानी और नियमन में मौजूद कमियों को उजागर किया है. छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए विभिन्न सरकारी और शैक्षणिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है.

याचिका पर चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने एमसीडी, दिल्ली पुलिस, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, डीयू, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, जेएनयू, बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी और पन्नालाल गिरधारीलाल दयानंद काॅलेज को नोटिस जारी कर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.

यह जनहित याचिका डीएवी कॉलेज के छात्र शिववंश कालिया द्वारा वकील आशु बिधूड़ी के जरिए दाखिल की गई है. मामले पर अगली सुनवाई सत्य निकेतन से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ 14 अक्टूबर को होगी.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m