दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने सोमवार को अहम आदेश सुनाते हुए ‘डॉ. निमो यादव’ नाम से चल रहे सटायरिकल (व्यंग्यात्मक) X अकाउंट को बहाल (restore) करने के निर्देश दिए हैं। यह अकाउंट हाल ही में भारत में केंद्र सरकार के अनुरोध पर ब्लॉक किया गया था। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अकाउंट बहाल होने का मतलब यह नहीं है कि सभी सामग्री तुरंत सार्वजनिक हो जाएगी। न्यायालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ किए गए कुछ कथित आपत्तिजनक ट्वीट फिलहाल ब्लॉक ही रहेंगे। इन ट्वीट्स को समीक्षा प्रक्रिया के बाद ही सार्वजनिक किया जा सकेगा।

आगे भी विवादित ट्वीट पर रोक रहेगी या नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस पुष्पेंद्र कुमार की पीठ ने सोमवार को ‘डॉ. निमो यादव’ नाम से चल रहे सटायरिकल X अकाउंट को बहाल (restore) करने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अकाउंट को बहाल करने का मतलब यह नहीं है कि सभी ट्वीट्स तुरंत सार्वजनिक होंगे। जिन ट्वीट्स को केंद्र सरकार ने आपत्तिजनक बताया है, उन्हें अस्थायी रूप से ब्लॉक रखा जाएगा। पीठ ने अकाउंट संचालक को रिव्यू कमेटी के सामने पेश होने का निर्देश भी दिया। यह कमेटी तय करेगी कि इन ब्लॉक किए गए ट्वीट्स पर आगे भी रोक जारी रखी जाए या उन्हें सार्वजनिक किया जा सके।

हाईकोर्ट- अकाउंट बहाल किया जाए

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता का अकाउंट बहाल किया जाए, लेकिन सरकार को यह अधिकार रहेगा कि वह अकाउंट की सामग्री की निगरानी करे। यदि भविष्य में कोई आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट होती है, तो सरकार कानून के तहत कार्रवाई कर सकेगी। कोर्ट के इस फैसले को ऑनलाइन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट मॉडरेशन के बीच संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार ने अकाउंट बंद कराया था

केंद्र सरकार ने 18 मार्च को आदेश जारी किया था, जिसके तहत 19 मार्च को भारत में यह अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। सरकार का आरोप था कि इस अकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी झूठी और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की जा रही थी। इन पोस्ट्स में फोटो, वीडियो और AI से छेड़छाड़ किए गए कंटेंट का इस्तेमाल कर विवादित सामग्री तैयार की गई थी। सरकार ने यह भी कहा कि इस तरह की सामग्री से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। इसी आदेश के तहत ‘डॉ. निमो यादव’ अकाउंट के अलावा 11 अन्य X हैंडल्स को भी ब्लॉक किया गया था।

याचिकाकर्ता ने क्या रखी थी दलील

दिल्ली हाईकोर्ट में ‘डॉ. निमो यादव’ नाम से चल रहे X अकाउंट की बहाली के दौरान अकाउंट ऑपरेटर प्रतीक शर्मा ने कोर्ट में दलील दी कि अकाउंट ब्लॉक होने से उनकी आय प्रभावित हुई और पेशेवर कामकाज बाधित हुआ, क्योंकि यह अकाउंट उनके लिए आजीविका का स्रोत है।

शर्मा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विरेंद्र ग्रोवर ने सवाल उठाया कि ब्लॉकिंग आदेश 19 मार्च को लागू हुआ, लेकिन याचिकाकर्ता को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। उन्होंने तर्क दिया कि यह आदेश मनमाना और गैरकानूनी है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि यदि सरकार आपत्तिजनक ट्वीट्स की पहचान बता दे, तो वे उन्हें हटाने के लिए तैयार हैं।

केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कोर्ट में दलील दी। चेतन शर्मा ने कहा कि सरकार के फैसले में दखल देने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि देश के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक और भ्रामक सामग्री से पहले ही नुकसान हो चुका है और इसका असर विस्तृत और गंभीर हो सकता है।

X की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि पूरे अकाउंट को हटाना उचित उपाय नहीं है। कोर्ट ने अपने फैसले में संतुलित रुख अपनाया, ताकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी नियंत्रण के बीच संतुलन बना रहे। कोर्ट ने निर्देश दिया कि विवादित ट्वीट्स फिलहाल ब्लॉक रहेंगे और उनकी समीक्षा के लिए रिव्यू कमेटी के सामने पेश किया जाएगा। इस कमेटी के माध्यम से तय किया जाएगा कि कौन से ट्वीट्स अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आते हैं और कौन से हटाए जाएं। केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने सुझाव दिया था कि विवादित ट्वीट्स को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जाए, ताकि बाद में कोर्ट उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में मानकर बहाल कर सके।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m