रेणु अग्रवाल, धार। भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर धार जिले के बदनावर विधानसभा क्षेत्र से जय सूर्या की नियुक्ति को लेकर पार्टी के अंदर सियासी तकरार बढ़ गई है। पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसे “शुभ संकेत नहीं” बताया है।
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पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने बिना नाम लिए जय सूर्या पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है, वह निष्क्रिय रहने के साथ-साथ आपराधिक छवि वाला व्यक्ति है। उन्होंने दावा किया कि इस व्यक्ति पर कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और वह पिछले दो वर्षों से जिले की राजनीति से पूरी तरह गायब रहा है।दत्तीगांव ने कहा, “मैंने पार्टी को लिखित शिकायत दे दी है। इसमें उनके क्रियाकलाप, विधानसभा चुनाव में गैरमौजूदगी और आपराधिक रिकॉर्ड का जिक्र किया गया है। यदि जरूरत पड़ी तो थाने से RTI लगाकर उनके और उनके परिवार पर दर्ज प्रकरण निकलवाए जा सकते हैं।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भाजपा जैसे स्वच्छ छवि वाली पार्टी दागी और आपराधिक प्रवृत्ति वाले चेहरों को जिम्मेदारी देगी तो लाखों युवाओं का पार्टी से विश्वास उठ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मध्य प्रदेश के युवाओं का सवाल है। जय सूर्या पर आरोप है कि वे लंबे समय से निष्क्रिय रहे हैं और उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पार्टी के अंदरूनी हलकों में भी इस नियुक्ति को लेकर असंतोष के स्वर उठ रहे हैं।
पूर्व मंत्री का कटाक्ष
राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने शुभकामनाएं देते हुए भी कटाक्ष किया कि “यह शुभ संदेश नहीं है”। उन्होंने भाजपा के सिद्धांतों, दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विचारधारा का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी को स्वच्छ छवि और अनुशासन बनाए रखना चाहिए। अब सवाल यह है कि भाजपा का उच्च नेतृत्व इस विवादित नियुक्ति पर दोबारा विचार करेगा या अंदरूनी विरोध के बावजूद फैसले पर कायम रहेगा। फिलहाल इस मुद्दे पर पार्टी के अंदर बहस तेज हो गई है।


