मुजफ्फरपुर। कुशीनगर में शनिवार तड़के दिल्ली से मुजफ्फरपुर आ रही यात्रियों से भरी एसी स्लीपर बस भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। तमकुहीराज थाना क्षेत्र के लबनिया गांव के पास बस की एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीन साल की बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 यात्री घायल हो गए। घायलों में एक बच्ची समेत चार लोगों की हालत गंभीर है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे की वजह ओवरटेक करना बताया जा रहा है। बस चालक आगे चल रहे ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान बस के बाएं हिस्से की ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ यात्री टूटे हुए शीशे से बाहर सड़क पर जा गिरे। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।

इनकी हुई मौत

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने तीन साल की बच्ची और करीब 40 वर्षीय युवक को मृत घोषित कर दिया। मृत बच्ची की पहचान कुशीनगर के तरयासुजान थाना क्षेत्र के तरयालच्छीराम गांव निवासी पवन की बेटी नंदिनी के रूप में हुई है। हादसे में उसके पिता भी घायल हुए हैं। दूसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

सुबह 4:30 बजे हुआ हादसा

शिवा ट्रैवेल्स की यह एसी स्लीपर बस शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे दिल्ली के आनंद विहार से रवाना हुई थी। बस में 60 से अधिक यात्री सवार थे। इनमें ज्यादातर लोग दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर काम करते हैं और दिवाली व छठ पूजा मनाने बिहार स्थित अपने घर लौट रहे थे।बस में सवार मुजफ्फरपुर के कमलपुरा निवासी धर्मेंद्र के मुताबिक, हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री सो रहे थे। शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे अचानक तेज झटका लगा। कई यात्री अपनी सीटों से नीचे गिर गए और बस में चीख-पुकार मच गई।

सरकारी बसों में आएंगे 715 यात्री

त्योहारों पर घर लौटने वाले प्रवासियों की भीड़ को देखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से भी दिल्ली से बसें चलाई जा रही हैं। शनिवार को 15 सरकारी बसों से 715 यात्री मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सीवान और शिवहर पहुंचेंगे। इनमें मुजफ्फरपुर के लिए 4 बसों में 171, सीतामढ़ी के लिए 7 बसों में 336, सीवान के लिए 3 बसों में 144 और शिवहर के लिए एक बस में 54 यात्री सवार हैं। कुल 718 सीटों में से 715 बुक हैं।