दिल्ली पुलिस ने राजधानी में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, जून 2025 से फरवरी 2026 तक कुल 1,589 अवैध बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को अगरतला-बांग्लादेश सीमा (Agartala-Bangladesh border) के रास्ते वापस बांग्लादेश भेज दिया गया। दिल्ली पुलिस का यह आंकड़ा पिछले सात महीनों (नवंबर 2024 से मई 2025) में पकड़े गए 720 लोगों की तुलना में दोगुना से भी अधिक है, जिससे राजधानी में इस मामले में कार्रवाई की गति और प्रभावशीलता उजागर होती है।

गृहमंत्रालय ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या शरणार्थियों की पहचान, पुष्टि और हिरासत में लेने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने सक्रिय कार्रवाई शुरू की। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 15 नवंबर 2024 से 20 अप्रैल 2025 के बीच लगभग 220 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लिया गया। इन्हें फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के हवाले किया गया और रेल व सड़क मार्ग से पूर्वी राज्यों तक पहुंचाकर बॉर्डर के रास्ते बांग्लादेश भेज दिया गया।

पहलगाम हमले के बाद अभियान में आई तेजी

दिल्ली पुलिस ने बताया कि पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या शरणार्थियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी गई। अभियान के एक महीने के भीतर लगभग 500 अवैध बांग्लादेशियों का पता लगाया गया। जून 2025 से फरवरी 2026 तक राजधानी में कुल 1,589 अवैध बांग्लादेशी और 55 रोहिंग्या लोगों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां दिल्ली के बाहरी जिले से हुईं (386)। इसके बाद क्रमशः दक्षिण-पूर्वी जिले (287), उत्तर-पश्चिमी (249), उत्तरी (194), दक्षिणी (191), बाहरी-उत्तरी (183), दक्षिण-पश्चिमी (168), मध्य (140), पश्चिमी (148), पूर्वी (118), द्वारका (99), शाहदरा (80), रोहिणी (71), उत्तर-पूर्वी (57) और नई दिल्ली (20) जिले शामिल हैं।

ईंट भट्ठों में मजदूरी करते मिले बांग्लादेशी

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आउटर डिस्ट्रिक्ट की टीम को सूचना मिली कि अधिकांश अवैध बांग्लादेशी प्रवासी हरियाणा और राजस्थान की सीमावर्ती इलाकों में ईंट भट्ठों में मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। अधिकारी ने कहा कि टीम ने उनके ठेकेदार और सहयोगियों का पता लगाया और तलाशी अभियान चलाकर सभी अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को आगे FRRO के हवाले किया गया और बॉर्डर के रास्ते बांग्लादेश भेजा गया।

ट्रेन और विमानों से भेजा गया वापस

अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और निष्कासन अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया है। शुरुआत में 15 पुलिस डिस्ट्रिक्ट्स के DCPs ने वेरिफिकेशन ड्राइव की अगुवाई की। पकड़े गए लोगों को FRRO अधिकारियों की निगरानी में ट्रेन से पश्चिम बंगाल तक ले जाया गया और वहां से बस के जरिए BSF चौकियों तक पहुंचाया गया। खासकर पहलगाम आतंकी हमले के बाद, हिरासत में लिए गए प्रवासियों को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयर बेस से अगरतला तक विशेष हवाई उड़ानों के माध्यम से भेजा गया। इसके बाद हिंडन एयर बेस से कई स्पेशल विमानों के जरिए अब तक 1,589 बांग्लादेशी प्रवासियों को उनकी मातृभूमि वापस भेजा गया।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश

दिल्ली पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और निष्कासन अभियान के तहत अवैध घुसपैठ, जाली दस्तावेज़, पते और नौकरियां मुहैया कराने वाले नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट पुलिस, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने इस नेटवर्क के खिलाफ कई FIR दर्ज की हैं और कई मामलों में चार्जशीट भी दायर की गई हैं। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे सीमाओं पर निगरानी बढ़ाएं और अवैध प्रवासियों के प्रवेश को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

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