हेमंत शर्मा, इंदौर। दीपावली से पहले इंदौर में धनतेरस के दिन न्यायालयीन अवकाश को लेकर पहल की गई है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इंदौर ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के अवसर पर अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया है। पत्र में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा न्यायालयीन कर्मचारियों की भावनाओं का हवाला दिया गया है।23 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष यादव और सचिव मनीष गड़कर के हस्ताक्षर हैं। पत्र मुख्य न्यायाधीश के नाम संबोधित है और इसे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के माध्यम से भेजा गया है।
धनतेरस पर कोर्ट बंद रखने की मांग, अब फैसले का इंतजार
बार एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि धनतेरस हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व है। इस दिन भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं का निर्वहन किया जाता है।एसोसिएशन का कहना है कि त्योहार के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए 6 नवंबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, उसकी खंडपीठों और अधीनस्थ न्यायालयों में पूरे दिन का न्यायालयीन अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।
न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों की भावनाओं का दिया हवाला
पत्र में कहा गया है कि धनतेरस के अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालयीन कर्मचारियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अवकाश पर सकारात्मक विचार किया जाए।बार एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि मुख्य न्यायाधीश इस अनुरोध पर विचार कर 6 नवंबर को अवकाश घोषित करने की कृपा करेंगे।
क्या 6 नवंबर को बंद रहेंगे न्यायालय?
फिलहाल यह पत्र अवकाश घोषित करने के लिए किया गया अनुरोध है। केवल पत्र जारी होने से न्यायालयीन अवकाश घोषित नहीं माना जा सकता। अब इस मांग पर मुख्य न्यायाधीश और संबंधित प्रशासन की ओर से लिए जाने वाले निर्णय पर नजर रहेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

