कुंदन कुमार/मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले के बिस्फी विधानसभा क्षेत्र में रहिका प्रखंड में आयोजित एक चोपाल कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल को जनता के तीखे सवालों और आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक पर आरोप लगाया कि उनके पांच वर्षों के कार्यकाल में क्षेत्र में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ है। जनता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, सिंचाई की व्यवस्था नहीं सुधरी और रोजगार के अवसर लगभग नदारद हैं। लोगों का कहना था कि विधायक ने क्षेत्रीय समस्याओं को दरकिनार कर बार-बार धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों को हवा दी।

बयान के बाद विवाद

विवाद हाल ही में उस बयान से और भी गहरा गया, जिसमें विधायक ने मिथिला राज्य की मांग को मुस्लिम राज्य बनाने की साजिश बताया था। इस टिप्पणी को लेकर क्षेत्र में खासा असंतोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिथिला राज्य की मांग सांस्कृतिक और प्रशासनिक आवश्यकताओं से जुड़ी है, न कि किसी सांप्रदायिक एजेंडे से।

सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा

चोपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विकास योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार है। पंचायत से लेकर जिला स्तर तक कई योजनाएं कागज़ों में सिमट कर रह गईं हैं। किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा, युवाओं को रोजगार नहीं और गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

ध्यान भटकने की कोशिश

लोगों ने कहा कि बार-बार हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे उठाकर विधायक जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अब लोग जागरूक हो चुके हैं और विकास को ही प्राथमिकता देंगे। चोपाल में जनता ने स्पष्ट संदेश दिया कि अगर जनप्रतिनिधि काम नहीं करेंगे, तो अगला चुनाव परिणाम तय करेगा।

बिस्फी विधानसभा क्षेत्र की यह घटना न केवल स्थानीय राजनीति का आइना है, बल्कि उस बड़ी राजनीतिक प्रवृत्ति को भी उजागर करती है, जिसमें विकास के मुद्दे गौण होते जा रहे हैं और धार्मिक ध्रुवीकरण को हथियार बनाया जा रहा है। अब जनता सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि ठोस काम से संतुष्टि चाहती है।