प्रतीक पटनायक, धमतरी.  बेटियों के सम्मान और सुविधा के मामले में धमतरी ने पूरे छत्तीसगढ़ में बाजी मार ली है. वीबी-जी रामजी योजना के तहत बालिका शौचालय निर्माण में धमतरी प्रदेश में पहले स्थान पर है. जिले के 8 स्कूलों में निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 335 शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है. धमतरी में बेटियों के स्वाभिमान को नई पहचान मिल रही है. स्कूलों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त शौचालय बनाए जा रहे हैं. धुमा, उमरदा, चुही, सिहावा, परसट्टी, डोमा, अंगारा और कोटगांव के स्कूलों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है.

इस अभियान की शुरुआत धुमा गांव से हुई थी, जहां जिले का पहला बालिका शौचालय बनाया गया. वहीं, 2 अक्टूबर को कोटगांव में आठवें शौचालय का लोकार्पण किया गया. खास बात यह है कि इन शौचालयों को गुलाबी रंग से सजाया गया है और इन पर लिखा है— ‘मेरी बेटी, मेरा स्वाभिमान’.

कोटगांव में करीब 4 लाख 30 हजार रुपये की लागत से बने शौचालय में पानी, हाथ धोने, रोशनी, वेंटिलेशन, सैनिटरी नैपकिन निपटान और रैंप जैसी सुविधाएं दी गई हैं. जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले में कुल 335 बालिका शौचालयों का निर्माण करना है. इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं की निजता, स्वच्छता, स्वास्थ्य और स्कूलों में नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना है. धमतरी की यह पहल बेटियों के सम्मान और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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