Dharm Desk : धनतेरस पर आज शाम भगवान कुबेर की पूजा का विशेष अवसर है। क्या आपको पता है कि धन के देवता कुबेर जी को खसखस का भोग लगाया जाता है। दीपावली से पहले आने वाले इस पर्व पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदने के साथ कुबेर देव की आराधना भी की जाती है। मान्यता है कि कुबेर जी की पूजा से घर में धन-धान्य और सुख-समृद्धि बनी रहती है । ऐसे में अगर आप भी आज शाम कुबेर पूजन की तैयारी कर रहे हैं तो जान लीजिए पूजा का शुभ मुहूर्त, चौकी सजाने का तरीका और भगवान को अर्पित की जाने वाली सामग्री।

शाम 6:02 से 7:57 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त

धनतेरस पर भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक शुभ समय रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:33 से रात 8:09 बजे तक है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं।
कुबेर जी की चौकी पर रखें ये खास चीजें
कुबेर पूजन के लिए घर की उत्तर दिशा में साफ जगह पर लकड़ी की चौकी रखें। इस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान कुबेर की प्रतिमा, तस्वीर अथवा कुबेर यंत्र स्थापित करें। चौकी पर ये सामग्री रखें।

भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर।
भगवान कुबेर की तस्वीर या प्रतिमा।
चांदी या तांबे के सिक्के।
कुबेर यंत्र और कौड़ियां।
रोली, कुमकुम, हल्दी और अक्षत।
चंदन, फूल और फूलों की माला।
धूप, अगरबत्ती और घी का दीपक।
फल, मिठाई, खील और बताशे।
खसखस का भोग और पंचमेवा।

कुबेर जी को खसखस का भोग लगाएं

कुबेर जी की पूजा में खसखस का भोग लगाने का विशेष महत्व बताया जाता है। इसके लिए खसखस से बनी मिठाई या खसखस मिश्रित मिष्ठान तैयार कर सकते हैं। इसके साथ फल, पंचमेवा और अन्य मिठाइयां भी अर्पित करें। पूजा के दौरान भोग भगवान के सामने रखकर श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करें।

इस विधि से करें भगवान कुबेर की पूजा

सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें। इसके बाद माता लक्ष्मी और कुबेर देव के सामने घी का दीपक जलाएं। रोली, अक्षत, चंदन और पुष्प अर्पित करें। इसके बाद खसखस का भोग लगाकर ओम श्रीं कुबेराय नमः’ मंत्र का जाप करें। पूजा के अंत में भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की आरती करें।