रेणु अग्रवाल, धार। धार जिले के आदिवासी क्षेत्रों में होलिका दहन के दूसरे दिन ‘गल बाबा’ का पारंपरिक मेला आयोजित होता है। यह मेला आस्था, मन्नत और परंपरा का अद्भुत संगम है। खास बात यह है कि इस दिन लोग रंग खेलने के बजाय मेले में पहुंचकर अपनी मन्नतें पूरी करने के लिए पूजा-अर्चना करते हैं।

मन्नत और ‘गल घूमने’ की परंपरा

इस मेले में केवल पुरुष ही ‘गल’ घूमते हैं। मन्नत के अनुसार कोई व्यक्ति 1 साल, 5 साल या कई वर्षों तक यह परंपरा निभाता है। मन्नतधारी अपने पूरे परिवार के साथ मेले में पहुंचते हैं और गल बाबा की पूजा कर अपनी मन्नत उतारते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।

ये भी पढ़ें: शिप्रा तट पर उमड़ा आस्था का गुलाल: बड़ा उदासीन अखाड़े में संतों संग मनी “सिंहस्थ वाली होली” सांसद नेलगाए जमकर ठुमके

तिरला में विशेष आयोजन

तिरला क्षेत्र में लगने वाले इस मेले में मन्नतधारी पुरुष एक विशेष ड्रेस कोड में दिखाई देते हैं- लाल रंग का कुर्ता और पीली पगड़ी। गल घूमने के लिए लंबी कतारें लगती हैं और ग्राम पंचायत की ओर से बाकायदा इसकी रसीद भी काटी जाती है।

क्या है ‘गल घूमना’?

मेले में लगभग 50 फीट ऊंचा एक टॉवर बनाया जाता है। इस पर एक क्षैतिज (आड़ा) बांस बांधा जाता है। मन्नतधारी व्यक्ति को कपड़े से इस बांस से बांध दिया जाता है और नीचे खड़ा व्यक्ति रस्सी की मदद से उसे गोल-गोल घुमाता है। इस प्रकार व्यक्ति हवा में ऊंचाई पर चक्कर लगाता है।

ये भी पढ़ें: MP में माननीयों की होली: रंग से सराबोर रहे मंत्री, सांसद समेत कई नेता, जानिए किस तरह मनाया त्योहार

मान्यता और विश्वास

स्थानीय लोगों की मान्यता है कि गल बाबा की कृपा से बीमार बच्चे ठीक हो जाते हैं। संतान की प्राप्ति होती है। परिवार की अन्य समस्याएं दूर होती हैं। इसी विश्वास के साथ लोग मन्नत लेते हैं और पूरी होने पर ‘गल’ घूमते हैं।

हर क्षेत्र में लगता है मेला

ग्रामीण अंचलों में यह मेला लगभग हर 15–20 किलोमीटर की दूरी पर आयोजित होता है। इसका आयोजन ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से आदिवासी ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।

सदियों पुरानी परंपरा

आस्था और परंपरा के नाम पर लगने वाला यह मेला प्राचीन काल से चला आ रहा है। आज भी इन मेलों में मन्नतधारियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है, जो इस परंपरा की जीवंतता को दर्शाती है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m