संबलपुर। ओडिशा के प्रसिद्ध हीराकुंड डैम ने रविवार को एक बार फिर इतिहास रचा। एशिया के सबसे बड़े मिट्टी के बांध के रूप में पहचान रखने वाला यह स्थल खेल और फिटनेस के रंग में रंगा नजर आया, जब यहां आयोजित हीराकुंड इंटरनेशनल हाफ मैराथन में 15,000 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के खेल मंत्री सूर्यबंशी सूरज की उपस्थिति में मैराथन को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। यह आयोजन ‘फिट इंडिया अभियान’ के तहत महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) द्वारा कराया गया था।
हर वर्ग की भागीदारी, फिटनेस का उत्सव
मैराथन में प्रोफेशनल एथलीट्स के साथ-साथ शौकिया धावकों और परिवारों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे यह संदेश गया कि फिटनेस केवल पेशेवर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उम्र और वर्ग के लोगों के लिए है।
इवेंट में 21 किमी की हाफ मैराथन मुख्य आकर्षण रही, जबकि 10 किमी की प्रतिस्पर्धात्मक दौड़, 5 किमी की स्प्रिंट और बच्चों व अभिभावकों के लिए 1.5 किमी की फन रन भी आयोजित की गई। देशभर से आए धावकों के साथ कुछ विदेशी प्रतिभागियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप मिला।
आधुनिक तकनीक और शानदार व्यवस्था
मैराथन में प्रतिभागियों के प्रदर्शन को सटीक रूप से रिकॉर्ड करने के लिए RFID-इंटीग्रेटेड BIBs का उपयोग किया गया। इससे प्रत्येक धावक के समय और दूरी का डिजिटल ट्रैकिंग संभव हुआ। प्रतिभागियों को प्रीमियम मर्चेंडाइज प्रदान किए गए, जिससे उनके अनुभव को और खास बनाया गया।
कम्युनिटी स्पिरिट का प्रदर्शन
हीराकुंड डैम की भव्य पृष्ठभूमि में आयोजित यह मैराथन केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने सामुदायिक एकता, स्वास्थ्य जागरूकता और वेलनेस को बढ़ावा देने का मजबूत संदेश दिया।
संबलपुर के लिए यह आयोजन खेल और पर्यटन दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस आयोजन ने यह दर्शाया कि ओडिशा न केवल सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि फिटनेस और खेलों के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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