भुवनेश्वर : ओडिशा के ढेंकानाल में बेघर महिला के साथ कथित सामूहिक बलात्कार मामले में राज्य महिला आयोग (एससीडब्ल्यू) ने मंगलवार को जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) को 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।

मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए ओडिशा महिला आयोग ने ढेंकानाल एसपी मदकर संदीप संपत को जांच में तेजी लाने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आदेश दिया।

इससे पहले उपमुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रभाती परिडा ने घटना के बारे में ढेंकानाल एसपी से बात की थी और पुलिस को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

इसके बाद ढेंकानाल एसपी ने कहा था कि महुलापूंजी गांव में सनसनीखेज मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी।

एसपी ने कहा, “हमने गैंगरेप के आरोपियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने का फैसला किया है, ताकि मामले की त्वरित सुनवाई हो सके।”

ढेंकानाल के एक खाली पड़े आंगनवाड़ी केंद्र में महीनों तक महिला के साथ हुए क्रूर गैंगरेप ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया।

सूत्रों ने बताया कि यह घटना तब सामने आई जब सखी केंद्र के अधिकारियों ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़िता की मां की मौत हो चुकी है, जबकि उसके पिता मानसिक रूप से अस्थिर हैं। चूंकि परिवार गरीब है, इसलिए वे ढेंकानाल जिले के भापुर पंचायत के महुलापुंजी गांव में एक खाली पड़े आंगनवाड़ी केंद्र में रहते हैं।