लुधियाना. पंजाब के खिलाड़ी ने एक बार फिर से दुनियां से देश का नाम रोशन कर दिया है.एशियन गेम्स में लुधियाना के अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी ध्रुव कपिला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेन्स टीम बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत के लिए कांस्य पदक हासिल कर देश और राज्य का नाम रोशन किया है. इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पंजाब सरकार की खेल नीति के तहत उन्हें 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा.
यह बेहद खुशी की बता है कि पंजाबके बेटे ने राज्य का नाम दुनिया में रोशन किया है. ध्रुव कपिला ने अपने खेल करियर की शुरुआत महज़ साढ़े आठ साल की उम्र में लुधियाना स्थित शास्त्री हॉल बैडमिंटन एकेडमी से की थी. इसके बाद वह उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी, हैदराबाद चले गए. ध्रुव ने 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई बीसीएम स्कूल, शास्त्री नगर से पूरी की और उसके बाद पंजाबी यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री हासिल की. उनके खेल जीवन में प्रमुख उपलब्धियों में थॉमस कप टीम चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल, पिछली एशियन गेम्स की टीम चैंपियनशिप का सिल्वर मेडल और इस बार कांस्य पदक शामिल है. वर्तमान में ध्रुव कपिला तनीषा के साथ मिक्स्ड डबल्स खेलते हैं और दोनों की वर्ल्ड रैंकिंग 19 है.
कोचों और सरकार का मिला भरपूर सहयोग
ध्रुव की इस सफलता के पीछे उनके कोच आनंद तिवारी, लुधियाना बैडमिंटन एकेडमी के अनुपम कुमारिया और मोहिंदर चोपड़ा का अहम योगदान रहा है. इसके साथ ही पंजाब की खेल नीति के तहत मीत हेयर ने फंड्स जुटाने और उन्हें अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने के लिए सहयोग दिया. पंजाब सरकार की ओर से एशियन गेम्स की तैयारी और ट्रेनिंग के लिए 8 लाख रुपये तथा वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी पहले प्रदान की गई थी, यह एक बड़ी मदद है जिसके कारण आज वह इतनी बड़ी सफलता हासिल कर पाए है.
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