Business Desk- शेयर बाजार में आनंद राठी वेल्थ, वनक्लिक लॉजिस्टिक्स इंडिया और सामोर रियल्टी के निवेशकों के लिए 15 अक्टूबर की रिकॉर्ड डेट अहम है। इन कंपनियों ने क्रमशः 4 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड, 1:2 बोनस शेयर और 1:5 स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की है।

Anand Rathi Wealth: हर शेयर पर 4 रुपए का डिविडेंड
आनंद राठी वेल्थ ने अंतरिम डिविडेंड के लिए 15 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट तय की है। कंपनी पात्र शेयरधारकों को हर शेयर पर 4 रुपए का डिविडेंड देगी।

ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी जनवरी 2022 से अब तक 11 बार डिविडेंड घोषित कर चुकी है। शेयर की डिविडेंड यील्ड 0.62% है।

कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे मिले-जुले रहे। सालाना आधार पर शुद्ध मुनाफा 9.5% घटकर 89.95 करोड़ रुपए रह गया। वहीं, राजस्व 15.7% बढ़कर 344 करोड़ रुपए पहुंच गया। एबिटा 15.1% गिरकर 116.8 करोड़ रुपए रहा। एबिटा मार्जिन भी पिछले साल के 46.2% से घटकर 34% पर आ गया।

Oneclick Logistics India: हर 2 शेयर पर 1 बोनस शेयर

वनक्लिक लॉजिस्टिक्स इंडिया ने 1:2 बोनस इश्यू के लिए 15 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसके तहत पात्र निवेशकों को हर 2 शेयर पर 1 अतिरिक्त शेयर मिलेगा। बोनस शेयर कंपनी अपने रिजर्व से जारी करती है। इसके लिए निवेशकों को अलग से भुगतान नहीं करना पड़ता। बोनस इश्यू के बाद शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन केवल इस प्रक्रिया से निवेश की कुल वैल्यू सैद्धांतिक रूप से नहीं बदलती।

बोनस के बाद शेयर की कीमत में भी उसी अनुपात में सैद्धांतिक बदलाव होता है। इससे शेयर की कीमत कम होने के कारण छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। हालांकि, बोनस शेयर मिलने का मतलब यह नहीं है कि शेयर की कीमत बढ़ना तय है।

Samor Reality: एक शेयर के बदले मिलेंगे 5 शेयर

सामोर रियल्टी ने 1:5 स्टॉक स्प्लिट के लिए 15 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसके तहत एक शेयर रखने वाले पात्र निवेशक के पास स्प्लिट के बाद 5 शेयर हो जाएंगे।

स्टॉक स्प्लिट में शेयरों की संख्या बढ़ती है और प्रति शेयर कीमत उसी अनुपात में घटती है। इससे निवेशक की कुल हिस्सेदारी का मूल्य सैद्धांतिक रूप से नहीं बदलता। कम कीमत पर शेयर उपलब्ध होने से खुदरा निवेशकों की भागीदारी और ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ने की संभावना रहती है।

बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट में अंतर है। बोनस इश्यू में कंपनी अतिरिक्त शेयर जारी करती है, जबकि स्टॉक स्प्लिट में मौजूदा शेयरों को छोटे मूल्य वाले अधिक शेयरों में बांटा जाता है।

निवेशकों के लिए जरूरी बात

तीनों कंपनियों की रिकॉर्ड डेट 15 अक्टूबर है। टी+1 सेटलमेंट व्यवस्था में पात्रता के लिए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर खरीदने के बजाय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शेयर रिकॉर्ड डेट तक उनके डीमैट खाते में पात्रता के अनुसार दर्ज हों। इसलिए 14 अक्टूबर को खरीदारी की तारीख बताई गई है।

हालांकि, केवल डिविडेंड, बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी के वित्तीय नतीजों, शेयर के मौजूदा मूल्यांकन और कारोबार की स्थिति को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध जानकारी पर आधारित है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।