Donald Trump address to Nation: ईरान से जारी युद्ध के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया है। ट्रंप ने अपने संबोधन में होर्मुज़ स्ट्रेट, तेल सुरक्षा और सैन्य रणनीति पर बयान दिया। बीस मिनट के संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान युद्ध (Iran War) में अमेरिका को जीत मिली है। ईरान की ड्रोन क्षमता और नेवी खत्म हो गई है। उनके वायुसेना खंडहर हो गए हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान शिपिंग के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से नहीं खोलता है, तो वह ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमला करेंगे। अमेरिका को इस होर्मुज़ मार्ग से तेल की ज़रूरत नहीं है। इतना निश्चित है कि हम ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे। अगले 2-3 हफ्ते में तेज हमले करेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 06:30 देश को संबोधित किया। एक महीने से भी ज़्यादा वक्त पहले इज़रायल के साथ मिलकर हमले शुरू करने के बाद अपने पहले प्राइम-टाइम भाषण में उन्होंने ईरान में चल रहे युद्ध के बारे में ताज़ा जानकारी दी।

अपने संबोधन की शुरुआत में ही ट्रंप ने जीत का दावा करते हुए कहा कि पिछले चार हफ्तों में हमारी सेना ने युद्ध के मैदान में तेज, निर्णायक और भारी जीत हासिल की है। ऐसी जीत, जैसी बहुत कम लोगों ने पहले देखी होगी। उन्होंने ईरान की सैन्य ताकत को लगभग खत्म बताते हुए कहा कि आज की रात ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है। उनकी वायुसेना पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कमांड और कंट्रोल लगातार तबाह किया जा रहा है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान को ‘स्टोन एज, यानी पाषाणकाल’ में भेज देंगे। हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है।

होर्मुज़ की हमें जरूरत नहीं, जिसे इसकी जरूरत है खुलवा ले

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट से लगभग कोई तेल नहीं लेता है। हमें इसकी ज़रूरत नहीं है। जिन देशों को होर्मुज़ से तेल मिलता है, उन्हें उस रास्ते का ध्यान रखना चाहिए। उन्हें उसे संभालकर रखना चाहिए और उसकी हिफ़ाज़त करनी चाहिए।

ट्रम्प का दावा- ईरान ने 45 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या की

ट्रम्प ने ईरान पर 45 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप लगाया। ट्रम्प ने दावा किया कि जनवरी में ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान 45,000 लोगों को मार दिया गया। इससे पहले उन्होंने 28 फरवरी को यह आंकड़ा करीब 32,000 बताया था। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं।

ईरान पर ज़ोरदार हमला करेंगे: ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आने वाले हफ़्तों में ईरान के ख़िलाफ़ अपने सैन्य अभियान को और तेज़ करेगा, भले ही पर्दे के पीछे बातचीत जारी हो। ट्रंप ने कहा, “हम अगले दो से तीन हफ़्तों में उन पर बहुत ज़ोरदार हमला करने जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ईरान का तेल इंफ्रास्ट्रक्चर एक संभावित निशाना बना हुआ है और कहा कि ज़रूरत पड़ने पर अमेरिका “उनके तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है। इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं और बताया कि बातचीत जारी है, जबकि वॉशिंगटन अपने अगले क़दमों पर विचार कर रहा है।

 ईरान को परमाणु हथियार मिलता तो आज इजराइल नहीं होता

ट्रम्प ने कहा कि ईरान के खिलाफ उनकी सख्त नीति ने मिडिल ईस्ट और इजराइल को तबाही से बचाया। इस नीति में ईरान के साथ उनके पहले कार्यकाल में 2015 का परमाणु समझौता खत्म करना भी शामिल है। ट्रम्प के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुआ यह समझौता अगर यह जारी रहता, तो ईरान के पास बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों का जखीरा हो जाता। ट्रम्प ने दावा किया, “अगर यह समझौता चलता रहता, तो ईरान के पास कई साल पहले ही परमाणु हथियार आ जाते और वह उनका इस्तेमाल भी कर चुका होता। दुनिया पूरी तरह अलग होती। आज मिडिल ईस्ट और इजराइल शायद मौजूद ही नहीं होते।”

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