अजयारविंद नामदेव, शहडोल। NH-43 पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब अवैध कोयले से लदे ट्रैक्टर को पकड़ने गई वन विभाग की टीम पर माफियाओं ने हमला कर दिया और ट्रैक्टर छुड़ाकर फरार हो गए। वारदात का वीडियो सामने आने के बाद अब सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल वन विभाग ने मामले की शिकायत पुलिस से की है, लेकिन कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल अब और गहरे होते जा रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक कोल माफिया कानून से ऊपर बने रहेंगे।
ड्राइवर और वन रक्षक के साथ मारपीट
दरअसल वन परिक्षेत्र के धनगंवा बीट से अवैध खनन कर कोयला ट्रैक्टर में लादकर नवलपुर की ओर ले जा रहा था। वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर को पकड़ लिया। इसी दौरान कोल माफिया मौके पर पहुंच गए और वन कर्मियों पर हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि NH-43 पर बघेल ढाबा के पास और नवलपुर के समीप दो अलग-अलग स्थानों पर विवाद हुआ। माफियाओं ने ड्राइवर राम भरोसे और वन रक्षक विवेक यादव के साथ मारपीट भी की।
पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की
बता दें कि हाल ही में भी अवैध कोयले के खिलाफ कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम पर हमला हुआ था। वन विभाग के अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक कोल माफिया खुलेआम कानून को चुनौती देते रहेंगे। मामला सोहागपुर थाना क्षेत्र का है।

