संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुप्रतीक्षित विकास योजना ‘भोपाल मास्टर प्लान-2047’ का ड्राफ्ट (प्रारूप) सरकार ने जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर एक लंबे अंतराल के बाद इस प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सामने आते ही इस पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

प्लान में ‘हरित TDR’ (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) का विशेष प्रावधान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप राजधानी की प्राकृतिक धरोहरों—जैसे भोजताल, कैचमेंट एरिया, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य शहर की समृद्ध प्राकृतिक संपदा को बचाते हुए नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर देना है। इस प्लान में ‘हरित TDR’ (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) का विशेष प्रावधान किया गया है, ताकि हरित क्षेत्र में आने वाली निजी भूमियों के स्वामियों को क्षतिपूर्ति दी जा सके और विकासकर्ताओं को अतिरिक्त विकास की सुविधा मिले। सरकार ने इस प्रकाशित प्रारूप पर आम जनता, विशेषज्ञों और रहवासियों से आपत्तियां व सुझाव आमंत्रित किए हैं।

मध्यप्रदेश

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कांग्रेस को राजनीति छोड़कर बेहतर सुझाव देना चाहिए

मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी होने पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया ने कहा कि संपूर्ण समीक्षाओं, न्यायालय के निर्देशों और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर यह मास्टर प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार मास्टर प्लान को लेकर आंदोलन और अनशन की बात कर रही थी। अब जब ड्राफ्ट जारी हो चुका है, तो कांग्रेस को राजनीति छोड़कर भोपाल के हित में रचनात्मक और बेहतर सुझाव देने का काम करना चाहिए।

तुरंत धरातल पर लागू करना चाहिए

वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने मास्टर प्लान को लेकर राज्य सरकार और भाजपा पर तीखा तंज कसा है। कांग्रेस प्रवक्ता राहुल राज ने कहा कि भाजपा सिर्फ ड्राफ्ट जारी करके वाहवाही लूटना चाहती है। ड्राफ्ट पर ड्राफ्ट जारी करने के बजाय सरकार को इसे तुरंत धरातल पर लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रहवासी, व्यापारी और पूरी जनता पहले से ही परेशान है, इसलिए भाजपा सरकार को जमीनी स्तर पर जाकर आम लोगों से सीधे दावे-आपत्तियां और सुझाव लेने चाहिए। भोपाल को सुव्यवस्थित करना और मास्टर प्लान को समयबद्ध तरीके से लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है।

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