राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 1 और 2 नवंबर को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगी और पहली बार केदारनाथ धाम में दर्शन-पूजन करेंगी. प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, चिकित्सा सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज कर दी हैं.
देहरादून/रुद्रप्रयाग. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 1 और 2 नवंबर को उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगी. प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वह पहली बार केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी. राष्ट्रपति के दौरे को लेकर शासन और जिला प्रशासन ने सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है.
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी उत्तराखंड आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है, हालांकि उनकी यात्रा की तारीख प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से तय होना बाकी है. केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को बंद होने निर्धारित हैं. इससे पहले राष्ट्रपति के दर्शन-पूजन का कार्यक्रम प्रस्तावित है.
दौरे की तैयारियां तेज
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को जिला कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर राष्ट्रपति के प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों की समीक्षा की. इसके बाद उन्होंने केदारनाथ धाम पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति के दौरे को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कार्यक्रम की व्यवस्था करते समय श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए.
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, ऊखीमठ के उपजिलाधिकारी अनिल रावत और जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
चिकित्सा सेवाएं रहेंगी अलर्ट
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के मुताबिक, राष्ट्रपति के दौरे से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. शासन ने प्रस्तावित वीआईपी दौरे को देखते हुए एम्स ऋषिकेश प्रशासन को भी चिकित्सा सेवाएं सतर्क रखने के निर्देश दिए हैं.
एम्स प्रशासन को एंबुलेंस और चिकित्सा दल तैयार रखने के लिए कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा
केदारनाथ धाम के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पुनर्निर्माण परियोजनाओं की प्रगति भी देखी. उन्होंने आस्थापथ, निर्माणाधीन गेस्ट हाउस, विभिन्न मार्गों और अस्पतालों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को अगले डेढ़ महीने तक निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ काम पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो.
उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के लिए भी कहा, ताकि निर्धारित कार्य समय पर पूरे किए जा सकें.

