भिलाईनगर। जिला कलेक्टर दुर्ग के निर्देश के बाद नगर निगम भिलाई ने शहर के जर्जर और अनुपयोगी भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। भवन अधिकारी भिलाई द्वारा 4 जर्जर संरचनाओं को चिन्हित कर 15 दिन के भीतर ध्वस्तीकरण की अग्रिम कारवाई करने को कहा गया है। नगर निगम जर्जर भवनों को तोड़ने नोटिस जारी कर दिया है।
जोन-4 के अंतर्गत तीन तालाब के पास खण्डहर – बापू नगर खुर्सीपार, बजाज प्रोजेक्ट ऑटो मोबाईल – मदर्स मार्केट जीरो शो-रूम के बगल में, खुर्सीपार, देवार मोहल्ला मछली मार्केट खण्डहर खुर्सीपार, कैनाल रोड बजरंगी होटल खुर्सीपार के पास खण्डहर भवन गिराया जाना है।

चारों भवनों का स्वामित्व नगर निगम भिलाई का ध्वस्तीकरण के लिए 6 शर्तें अनिवार्य किया गया है। जल, विद्युत, गैस, नाली आदि सेवाओं का विच्छेदन पहले किया जाए। वार्ड इंजीनियर की निगरानी में अनुभवी एजेंसी और कुशल श्रमिकों से कार्य हो। आस-पास के भवनों को क्षति न पहुंचे, इसका ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकार के विस्फोटक का प्रयोग वर्जित रहेगा। सीएनडी वेस्ट मलबे का अंतिम डिस्पोजल नियमानुसार हो । सुरक्षा के लिए बैरिकेड और हेलमेट का उपयोग अनिवार्य है।
किश्त पटाने का झांसा देकर 16 लाख रुपए की ठगी
भिलाईनगर। बजाज एवं आईडीएफसी बैंक से मोबाइल, एसी. मोटर साइकिल एवं अन्य सामान को फायनेस के माध्यम से खरीदी कराकर रकम को पटाने के नाम पर 16 लाख की धोखाधड़ी की है। रिपोर्ट पर पुलिस मामले में आरोपी जसप्रीत उर्फ प्रिंस, भोजराज रॉय उर्फ भोजू के खिलाफ धारा 318 (4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना कर रही है।
स्मृतिनगर पुलिस ने बताया कि मनीष डहरवाल (32 वर्ष) निवासी आर्य नगर चौहान किराना स्टोर के पास कोहका वेल्डिंग एवं फैब्रिकेशन का कार्य करता है। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराया कि लगभग 3-4 माह पूर्व उसके मित्र भोजराज उर्फ भोजू के माध्यम से उसकी पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस निवासी कुरुद रोड से हुई थी।
जान-पहचान होने के बाद जसप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस प्रार्थी को विश्वास में लेकर बताया कि वह गोल्ड लोन संबंधी कार्य प्रारंभ कर रहा है। इसके लिए उसे एक लैपटाप की आवश्यकता है। उसने प्रार्थी को अपने नाम से लैपटॉप फाइनेंस करवा कर देने तथा मासिक किस्त वह स्वयं जमा करने की बात कही। इसके बाद अपने नाम से लैपटॉप फाइनेंस करवाकर उसे दे दिया। लैपटाप फाइनेंस करवाने के बाद जसप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस ने प्रारंभ में केवल 02 किश्तें जमा की। इसके बाद उसने फाइनेंस की किश्ते जमा करना बंद कर दिया।
इसी संबंध में जानकारी लेने पर प्रार्थी को पता चला कि भोजराज उर्फ भोजू के माध्यम से परिचित हुए अन्य व्यक्तियों के साथ भी जसप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस द्वारा इसी प्रकार की बात कर उनके नाम से वाहन एवं अन्य सामान फाइनेंस करवाया गया है तथा बाद में उनकी फाइनेंस की किश्तें जमा नहीं की गई हैं।
पीएम आवास कॉलोनी में पुलिस की सरप्राइज चेकिंग
भिलाईनगर। अवैध गतिविधियों और आपराधिक तत्वों पर शिकंजा कसने दुर्ग पुलिस ने मंगलवार तड़के भिलाई के खम्हरिया स्थित प्रधानमंत्री आवास कॉलोनी में बड़ा सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाया। सुबह करीब 5 बजे अचानक पहुंची पुलिस टीमों ने कॉलोनी के अलग- अलग हिस्सों में सघन जांच की। कार्रवाई से पीएम आवास परिसर में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई।
यह अभियान भिलाई नगर सीएसपी निशांत पाठक के नेतृत्व में चलाया गया। कार्रवाई के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमें बनाई थी। इनमें तीन थाना प्रभारियों के साथ निरीक्षक स्तर के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस जवान शामिल रहे। जांच को व्यापक बनाने के लिए महिला पुलिस बल, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा ट्रैफिक पुलिस की टीमों को भी अभियान में शामिल किया गया।
ट्रैफिक पुलिस ने परिसर में खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों की भी जांच की। वाहनों के नंबर और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान कोई सूचीबद्ध वारंटी हाथ नहीं लगा, हालांकि कुछ संदिग्ध व्यक्ति जरूर मिले हैं। इन लोगों के संबंध में पुलिस द्वारा चरित्र और पृष्ठभूमि का सत्यापन कराया जा रहा है।
आवास में मूल हितग्राहियों की जगह मिले किराएदार
चेकिंग के दौरान पुलिस को एक अहम जानकारी भी मिली। जांच में सामने आया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित कुछ मकानों में मूल हितग्राहियों की जगह दूसरे लोग किराए पर रह रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित मकानों को नियमों के विपरीत किसी अन्य व्यक्ति को किराए पर देना या बेचना प्रतिबंधित है। ऐसे में पुलिस ने किराए पर दिए गए मकानों की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। सीएसपी निशांत पाठक के मुताबिक, खम्हरिया पीएम आवास कॉलोनी में असामाजिक तत्वों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने तड़के अचानक जांच अभियान चलाया।
छत्तीसगढ़ – महाराष्ट्र की सीमा पर एक करोड़ 34 लाख का जुआ पकड़ाया
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र की सीमा पर जुए की बड़ी फड़ में गढ़चिरोली पुलिस ने छापा मारा, जहां से एक करोड़ 34 लाख का जुआ पकड़ा गया। पुलिस ने इस मामले में 37 आरोपियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में राजनांदगांव के 7 आरोपी शामिल है।
गड़चिरोली पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 18 सितंबर 2026 की रात पुलिस सहायता केंद्र बेडगांव क्षेत्र के अंतरराज्यीय सीमा से लगे मौजा गहाणेगाठा के जंगल क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा ताश के पत्तों से पैसे लगाकर खेलने की सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर पुलिस उपनिरीक्षक दिनेश खोटेले के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दो पंचों के साथ मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम ने मौके पर कुछ लोगों को 52 ताश पत्तों के जरिए पैसे की बाजी लगाकर जुआ खेलते हुए पकड़ा। पुलिस की भनक लगते कुछ लोग मौके से भागने लगे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शैलेंद्र कुमार साहू उम्र 26 वर्ष, निवासी बेलरगोंदी छुरिया राजनांदगांव, मोहम्मद बसीर उम्र 48 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 12 राजनांदगांव सहित कुल 29 आरोपियों को पकड़ा।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे छत्रपति बांगर निवासी कोरची, अमजतखां पठान, तालीब निवासी डोंगरगढ़, राजा ब्रांड उर्फ राजा श्रीवास निवासी राजनांदगांव और हेमंत राजपूत निवासी राजनांदगांव के कहने पर जुआ खेलने आए थे। कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों की तलाशी और घटनास्थल से 75,010 रुपये नकद, 22 चारपहिया वाहन, 6 दोपहिया वाहन, 26 मोबाइल फोन तथा जुआ खेलने की सामग्री जब्त की। जब्त माल की कुल कीमत 1,34,14,010 रुपये बताई गई है। कार्रवाई में कुल 31 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। इस मामले में हिरासत में लिए गए तथा मौके से फरार आरोपियों सहित कुल 37 आरोपियों के खिलाफ कोरची थाने में अपराध क्रमांक 0133/2026 के तहत महाराष्ट्र जुआ अधिनियम की धारा 12(अ) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार फरार आरोपियों में सोनू कांबले निवासी दुर्ग, इमरान शेख निवासी डोंगरगांव, बबलू खाटीक निवासी भिलाई, रोहित साहू निवासी राजनांदगांव, बसंत सोनी निवासी दुर्ग और अबुल वर्मा निवासी राजनांदगांव शामिल हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक दिनेश खोटेले, पुलिस सहायता केंद्र बेडगांव द्वारा की जा रही है।
वाहन फाइनेंस और बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी, आरोपी को किया गिरफ्तार
राजनांदगांव। वाहन फाइनेंस और बिक्री के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप में डोंगरगांव पुलिस ने अभिषेक सिंह राजपूत ( 31 ) पिता मुरारी राजपूत, निवासी वार्ड क्रमांक 19 शक्तिनगर, राजनांदगांव को रायपुर गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में भी धोखाधड़ी के कई मामले और शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक डोंगरगांव निवासी भागवतजीत साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मई 2024 में उन्होंने वाहन खरीदने के लिए अभिषेक सिंह राजपूत से संपर्क किया था। आरोपी ने वाहन फाइनेंस कराने के नाम पर आवश्यक दस्तावेज और आधार कार्ड गारंटर के रूप में लिया।
इसके बाद प्रार्थी को जानकारी दिए बिना उसके दस्तावेजों का उपयोग कर उसके नाम से एक्टिवा क्रमांक CG 08 BA 4776 फाइनेंस करा दी गई। कुछ समय बाद बैंक से ऋण की किस्त के भुगतान को लेकर फोन आने पर प्रार्थी को पूरे मामले की जानकारी हुई। आरोप है कि आरोपी ने फाइनेंस कराए गए वाहन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया और उसका नामांतरण भी करा दिया।
ऋण की राशि का भुगतान नहीं होने के कारण प्रार्थी का सिबिल स्कोर प्रभावित हुआ और उस पर करीब 15 हजार रुपए ब्याज भी लग गया। शिकायत की जांच में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। कार्रवाई के दौरान आरोपी फरार हो गया और उसने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया था । पुलिस ने तकनीकी जानकारी और लगातार पतासाजी के आधार पर राजनांदगांव एसीसीयू एवं डोंगरगांव पुलिस की टीम ने 21 सितंबर 2026 को रायपुर से आरोपी को पकड़ लिया।
शोरूम से रजिस्टर जब्त पुलिस के अनुसार डोंगरगांव थाने लाकर पूछताछ करने पर आरोपी ने वाहन बिक्री से संबंधित घटना के बारे में जानकारी दी। उसके कब्जे से महत्वपूर्ण दस्तावेज और वाहन बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड भी मिले। आरोपी की निशानदेही पर अर्जुनी स्थित होंडा शोरूम से दो वाहन बिक्री रजिस्टर जब्त किए गए हैं।
कई जिलों में दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार आरोपी अभिषेक सिंह राजपूत के खिलाफ डोंगरगांव थाने में अपराध क्रमांक 151/2026, धारा 318 (4) बीएनएस तथा अपराध क्रमांक 287/2026, धारा 420 भादवि. के मामले भी दर्ज हैं। इसके अलावा राजनांदगांव कोतवाली थाना तथा कोरबा और धमतरी जिले में भी उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज होना पाया गया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पूर्व से कई शिकायतें और मामले सामने आए हैं। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद थाने में शिकायत करने वाले अन्य लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस अब सामने आ रही अन्य शिकायतों और आरोपी के कथित वाहन फाइनेंस एवं बिक्री नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
नकली लेबल – होलोग्राम से शराब पैकेजिंग नेटवर्क पर कार्रवाई, 6 गिरफ्तार
डोंगरगढ़। अवैध शराब के कारोबार और नकली लेबल – होलोग्राम के जरिए शराब की पैकेजिंग से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को एक बार फिर गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 सितंबर को गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 62 नग शराब, 11.160 लीटर, जिसकी अंकित कीमत 3,368 रुपए है, बरामद की। इसके अलावा नकली लेबल, होलोग्राम स्टीकर, शराब की बोतलों के ढक्कन, मोबाइल फोन और परिवहन में प्रयुक्त ग्रैंड आई10 कार व एक्टिवा स्कूटी सहित अन्य सामग्री जब्त की गई। पुलिस ने जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई है।
गिरफ्तार आरोपियों में मोहारा निवासी कुमार वर्मा, दिनेश्वरी वर्मा, पूरन वर्मा, राजेश्वर वर्मा, डोंगरगढ़ निवासी ओमप्रकाश साहू तथा मुढ़िया निवासी गौतम बाई शामिल हैं। कुमार वर्मा के कब्जे से ग्रैंड आई10 कार और 21 नग रॉयल गोआ व्हिस्की, पूरन वर्मा से अधजला होलोग्राम स्टीकर, शराब का लेबल व मोबाइल, जबकि राजेश्वर वर्मा से 15 होलोग्राम स्टीकर, एक लेबल और पांच ढक्कन जब्त किए गए। वही ओमप्रकाश साहू से 21 नग शराब, मोबाइल व बिना नंबर की एक्टिवा तथा गौतम बाई से 20 नग रॉयल गोआ स्ट्रीट व्हिस्की बरामद की गई। दिनेश्वरी वर्मा के खिलाफ विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार प्रकरण में इससे पहले दऊआ वर्मा, नन्द किशोर वर्मा, तेजेश्वर साहू, देवव्रत वर्मा, आनंद अग्रवाल और जयकरण सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच के दौरान शराब के लेबल, होलोग्राम स्टीकर, खाली बोतल, ढक्कन, प्रिंटिंग व पैकेजिंग सामग्री भी बरामद की गई है। प्रकरण में आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ बीएनएस की धाराओं के तहत विवेचना जारी है।
मोहारा में राजगामी संपदा न्यास की भूमि का निरीक्षण
राजनांदगांव। राजगामी संपदा न्यास की मोहारा स्थित भूमि एवं स्थल का निरीक्षण न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान न्यास के उपाध्यक्ष मनोज निर्वाणी, सीओ एवं अपर कलेक्टर सी.एल. मार्कण्डेय सहित न्यास के व्यवस्थापक शैलेश प्यारे लाल नाग, पार्षद एवं इंजीनियर अग्रहरि, आलोक श्रोती तथा कार्यालयीन स्टाफ और क्षेत्र के वार्डवासी उपस्थित रहे।
स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों एवं न्यास के पदाधिकारियों ने मोहारा स्थित भूमि का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान भूमि से संबंधित विभिन्न पहलुओं, स्थल की वर्तमान स्थिति तथा क्षेत्र से जुड़ी आवश्यकताओं को लेकर मौके पर चर्चा की गई। न्यास के पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों से आवश्यक जानकारी भी ली।
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के वार्डवासियों ने भी अपनी स्थानीय समस्याओं एवं अपेक्षाओं से न्यास के पदाधिकारियों को अवगत कराया। अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू ने मौके पर उपस्थित लोगों से चर्चा करते हुए क्षेत्र की स्थिति को समझा तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उपाध्यक्ष मनोज निर्वाणी एवं सीओ अपर कलेक्टर सी.एल. मार्कण्डेय ने भी स्थल का निरीक्षण करते हुए संबंधित बिंदुओं पर जानकारी ली।
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