भिलाईनगर। बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने अनफिट ब्लाक में रहने वाले लीजधारियों को तीन माह के अंदर आवास खाली करने कहा गया था। उन्हें 21 नवंबर तक आवास खाली करना है। 146 लीजधारी हैं जिन्हें अब तक बेहतर आवास का विकल्प नहीं मिला और अब वे दशहत में हैं। कारण, उन्हें लीज निरस्तीकरण की कार्यवाही करने की चेतावनी दे दी गई है।
बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने 20 अगस्त को अनफिट आवासों में रहने वाले कार्मिकों के लिए एक सार्वजनिक सूचना जारी की थी। इसमें उन्हें तीन माह के अंदर हर हालत में आवास खाली करने कहा गया था। उन्हें तीन माह के अंदर फिट आवास आवंटित कराने अन्यथा तीन माह बाद उनका लीज निरस्तीकरण की कार्यवाही करने की चेतावनी दी थी। नगर सेवाएं विभाग ने पहली बार इतनी कड़ी चेतावनी सार्वजनिक रूप से जारी की थी।

जर्जर आवासों में हादसे की आशंका को देखते
हुए उन्हें अन्य आवास चुनने का विकल्प दिया गया। लेकिन इसके बावजूद अब तक करीब 146 लीजधारियों को दूसरा बेहतर विकल्प नहीं मिला। वे अब भी अनफिट आवासों में ही रह रहे हैं। उन्हें हर दो दिन में नगर सेवाएं विभाग की टीम आकर या तो नोटिस दे रही है कि वे जल्द से जल्द आवास खाली करें। इससे लीजधारी बेहद दबाव में आ गए हैं।
जर्जर आवासों के बदले जर्जर आवासों का विकल्प
लीजधारियों का कहना है कि उन्हें दूसरे आवास में जाने कहा जा रहा है लेकिन समतुल्य आवास का विकल्प नहीं दिया जा रहा। जर्जर आवासों के बदले जर्जर आवासों का ही विकल्प देकर चेतावनी दी जा रही है कि आवास खाली नहीं किए जो लीज निरस्त कर दिया जाएगा। वो कहते हैं कि अगर 30 साल भी पूरा नहीं हुआ है और आवास जर्जर हो गए तो इसके लिए बीएसपी मैनेजमेंट जिम्मेदार है।
तीन बार खाली आवासों की सूची जारी की जा चुकी
अनफिट आवासों के बदले आवास लेने 20 जुलाई 2024 को 318 आवासों, 29 सितंबर 2025 को 82 आवासों, 4 नवंबर 2025 को 570 आवासों की सूची जारी की गई थी। यह सूची 15 नवंबर 2025 तक वैध थी। इसके बाद अनफिट घोषित लीज आवासों के लीजधारकों को यह विकल्प भी दिया गया कि वे इन सूचियों के अलावा भी अपने अनफिट लीज आवास के समकक्ष कैटेगरी एनक्यू 1 व एनक्यू 2 के रिक्त आवास के लिए आवेदन कर सकते हैं।
16 जून से नार्मल एलॉटमेंट बंद
बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने अनफिट आवासों के लीजधारकों को ज्यादा विकल्प देने के लिए सेक्टर 01,02,04 एवं रिसाली सेक्टर के एनक्यू 1 एवं एनक्यू 2 के नॉर्मल एलाटमेंट को 16 जून 2026 से बंद कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया ताकि अनफिट लीज आवास के लीजधारियों को ज्यादा विकल्प मिल सके। बावजूद कई अनफिट आवासों के लीजधारियों ने अब तक न तो फिट आवास आवंटित कराया न आवास खाली किया।
धान खरीदी के कड़े नियमों पर भड़कीं सहकारी समितियां
जामगांव आर। छत्तीसगढ़ शासन की नई धान खरीदी नीति 2026-27 के कथित विसंगतिपूर्ण प्रावधानों को लेकर पाटन क्षेत्र की डेढ़ दर्जन से अधिक सेवा सहकारी समितियों ने मोर्चा खोल दिया है। समितियों के प्राधिकृत अध्यक्षों ने बुधवार को दुर्ग सांसद विजय बघेल और जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन से भेंटकर ज्ञापन सौंपा।
नीति में तत्काल व्यावहारिक संशोधन के लिए शासन स्तर पर हस्तक्षेप करने की मांग की। किसान नेता एवं सेवा सहकारी समिति जामगांव आर के प्राधिकृत अध्यक्ष भगवान सिंह चंद्राकर तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष व बटरेल समिति के प्राधिकृत अध्यक्ष कमलेश साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने सांसद बघेल को बताया कि विगत वर्ष के नुकसान की भरपाई हुए बिना इस बार और अधिक कठोर नियम थोप दिए गए हैं, जिससे समितियों व कर्मचारियों पर अनावश्यक आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ रहा है।
मौके पर जुटे किसान प्रतिनिधियों ने सांसद बघेल से शासन स्तर पर हस्तक्षेप कर इन विसंगतियों को जल्द दूर कराने का आग्रह किया है। इस दौरान तेजेंद्र पिपरिया, संजय चंद्राकर, बेनीराम साहू, धर्मेन्द्र कौशिक, विनोद ठाकुर, रमाकांत यादव, नागेंद्र कश्यप, पारखत साहू, टामन सोनवानी, राजू चंद्राकर, बलभद्र वर्मा, संतोष हिरवानी, प्रेमलाल साहू, अंगेश सिन्हा, शशिधर साहू आदि मौजूद रहे।
वास्तविक नुकसान पर मिले छूट
शासन द्वारा जारी नीति में प्राकृतिक सूखत को शून्य मानने का कड़ा विरोध करते हुए प्रतिनिधियों ने कहा कि परिवहन व भंडारण में विलंब से वजन घटना स्वाभाविक प्रक्रिया है। डीएमओ और बैंक के साथ त्रिपक्षीय अनुबंध के बावजूद नुकसान की पूरी जिम्मेदारी केवल समितियों और कर्मचारियों पर थोपना अनुचित है। इसके लिए वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार क्षतिपूर्ति व छूट दी जाए। किसान प्रतिनिधियों ने चक्रवाती तूफान ‘अर्न’ के प्रभाव, नमी और हाइब्रिड धान के कम वजन (प्रति बोरी 37-38 किग्रा) को ध्यान में रखकर गुणवत्ता मानकों में व्यावहारिक छूट देने की भी मांग की।
भेदभावपूर्ण डीओ प्रणाली में बदलाव की मांग
समितियों में सीमित जगह को देखते हुए संपूर्ण खरीदी समाप्त होने के बाद ही मिलर्स द्वारा उठाव करने के नियम का विरोध किया है। साथ ही, नजदीक की समितियों को पहले और दूरस्थ केंद्रों को बाद में डीओ जारी करने की व्यवस्था खत्म कर इसे स्टॉक के आधार पर समान रूप से जारी करने तथा 10 दिनों के भीतर अनिवार्य उठाव सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। इसके अलावा, परिस्थितियों के नियंत्रण से बाहर होने पर कर्मचारियों पर सीधे एफआईआर या निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाई के बजाय निष्पक्ष जांच का प्रावधान की मांग की।
त्योहारी सीजन में बाजारों में भीड़ के मद्देनजर बनाई सुगम आवागमन की व्यवस्था
दुर्ग। दीपावली एवं छठ पर्व को देखते हुए शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए नागरिकों की भीड़ बढ़ने लगी है। त्योहार के दौरान व्यापारियों एवं ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे, इसके लिए महापौर अलका बाघमार एवं आयुक्त लीना कोसम ने शहर के इंदिरा मार्केट, पुराना बस स्टैंड एवं पुराना थाना के पीछे स्थित नीबू लाइन सहित प्रमुख बाजार क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
महापौर एवं आयुक्त ने लगभग दो घंटे तक पैदल भ्रमण कर बाजार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान दुकानों के बाहर हो रहे अतिक्रमण, पसरा, ठेला-खोमचा एवं यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। दुकानदारों को अपनी दुकानों की निर्धारित सीमा में रहकर ही व्यापार करने की समझाइश दी गई। साथ ही दुकानों के सामने 8×8 फीट की चूने से मार्किंग कराई गई, ताकि प्रत्येक दुकानदार एवं ठेला- खोमचा संचालक निर्धारित सीमा में ही अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।
निरीक्षण के दौरान महापौर एवं आयुक्त ने पुराना बस स्टैंड स्थित पार्किंग स्थल का भी जायजा लिया। दीपावली के दौरान बाजार में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था व्यवस्थित रखने तथा नागरिकों के वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कुछ स्थानों पर अव्यवस्थाएं पाए जाने पर महापौर ने मौके पर ही निगम अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
बायोगैस प्लांट के विरोध में 6 गांवों के ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट
भिलाईनगर। खेरधा में बायोगैस प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को क्रांति सेना के नेतृत्व में 6 गांवों के सैकड़ों लोग जिला अस्पताल से पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टेट के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल और बैरिकेट्स का घेरा लगा रहा। विरोध करने वालों ने वहां पर जमीन पर बैठकर विरोध जताया। कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने पर अड़े रहे। घंटेभर बाद एक प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर से मुलाकात की। उनके आश्वासन के बाद सभी लौट गए।
ग्रामीणों ने बताया कि यह भूमि केवल एक खाली शासकीय भूखंड नहीं है, बल्कि आसपास के ग्रामीणों की आजीविका, पशुपालन, निस्तार, प्राकृतिक संसाधनों एवं सामुदायिक उपयोग से जुड़ी हुई है। इस भूमि का उपयोग किसी बड़े कचरा संग्रहण एवं प्रसंस्करण केंद्र अथवा औद्योगिक प्रकृति संयंत्र के लिए किए जाने से आसपास के अनेक गांवों के निवासियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होने की आशंका है। विशेष रूप से ग्राम खेरधा, मोहेंदी, रिंगनी, नारधा, मुढ़पार एवं ओखरा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण इस प्रस्तावित परियोजना को लेकर गंभीर चिंता एवं विरोध व्यक्त कर रहे हैं।
22 जनवरी को आयोजित ग्राम प्रतिनिधियों की बैठक में प्रस्तावित परियोजना के विरुद्ध सर्वसम्मति से विरोध दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त 500 से अधिक ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षरयुक्त आपत्ति भी प्रस्तुत की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि विकास एवं स्वच्छता के नाम पर किसी ऐसी परियोजना को ग्रामीण समुदाय पर थोपा नहीं जाना चाहिए। इससे उनकी परंपरागत आजीविका, सार्वजनिक संसाधन, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य प्रभावित हो।
20 हजार की रिश्वत लेते प्रधान आरक्षक गिरफ्तार, एसीबी ने पकड़ा
राजनांदगांव। शहर के बसंतपुर थाना में बुधवार दोपहर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक किशोर यादव को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मामला निजी लोन सेटलमेंट कराने के एवज में रिश्वत मांगने से जुड़ा हुआ है। प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, एसीबी के डीएसपी राजेश चौधरी के नेतृत्व में रायपुर से पहुंची आधा दर्जन अधिकारियों की टीम ने बसंतपुर थाना में दबिश दी। इस दौरान प्रधान आरक्षक किशोर यादव को 20 हजार रुपए नगद रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति के 18 लाख रुपए के लोन सेटलमेंट के मामले में प्रधान आरक्षक ने कथित तौर पर 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी।
रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपए देने से पहले ही प्रार्थी ने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी थी। शिकायत के बाद एसीबी ने पूरी योजना के साथ जाल बिछाया और बुधवार दोपहर बसंतपुर थाना पहुंचकर कार्रवाई की। फिलहाल एसीबी की टीम मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
प्रतिवेदन मिलने पर होगी कार्रवाई- एएसपी
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने कहा कि बसंतपुर थाने के एक प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेते पकड़े जाने की शिकायत मिली है। कार्रवाई एसीबी ने की है। फिलहाल वह एसीबी की कस्टडी में है। प्रतिवेदन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिकायत पर हवलदार को रिश्वत लेते ट्रैप किया गया- डीएसपी एसीबी इस संबंध में एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी राजेश चौधरी ने कहा कि प्रार्थी गौरव ने ब्यूरो में शिकायत की थी। शिकायत पर थाना बसंतपुर में हवलदार किशोर यादव को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया। ट्रैप कार्रवाई कर विधिवत कार्रवाई की जा रही है।
दीपावली की रौनक से गुलजार हुआ मिट्टी के दीयों का बाजार
राजनांदगांव। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। दीपोत्सव को रोशन करने के लिए लोग पारंपरिक मिट्टी के दीयों की जमकर खरीदी कर रहे हैं। शहर के गोलबाजार में मिट्टी के दीयों की दुकानें सज गई हैं, जहां सुबह से शाम तक खरीदारों की आवाजाही बनी हुई है।
घरों को रोशन करने के लिए लोग अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार छोटे-बड़े दीये खरीद रहे हैं। दीपावली पर मिट्टी के दीयों की मांग को देखते हुए इस बार भी लाखों दीयों की बिक्री होने की उम्मीद है। बाजार में सामान्य मिट्टी के दीयों के साथ आकर्षक डिजाइन और रंग- बिरंगे दीये भी उपलब्ध हैं। वहीं, राजस्थानी दीयों की आमद ने बाजार की रौनक और बढ़ा दी है। दीपावली की तैयारियों के बीच मिट्टी के दीयों की खरीदी से कुम्हारों और छोटे व्यापारियों को भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
राजस्थानी दीये भी बाजार में पहुंचे
गोलबाजार में इस बार स्थानीय मिट्टी के दीयों के साथ राजस्थानी दीयों की भी बिक्री हो रही है। आकर्षक डिजाइन, अलग-अलग आकार और सजावटी बनावट वाले इन दीयों को लोग पसंद कर रहे हैं। पारंपरिक दीयों के साथ सजावटी दीयों की उपलब्धता से ग्राहकों को खरीदारी के लिए कई विकल्प मिल रहे हैं। माता लक्ष्मी और गणेश प्रतिमाओं की भी बिक्री दीपावली को लेकर बाजार में पूजन सामग्री की दुकानें भी सज गई हैं। मिट्टी के दीयों के साथ माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं की बिक्री भी शुरू हो गई है। लोग घरों में दीपावली पूजन के लिए अपनी पसंद के अनुसार प्रतिमाएं खरीद रहे हैं। बाजार में छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाएं उपलब्ध हैं।
त्योहार नजदीक आने के साथ ही इनकी मांग भी बढ़ने लगी है। पारंपरिक दीयों की बढ़ी मांग बिजली की झालरों और सजावटी लाइटों के बीच दीपावली पर मिट्टी के दीयों का विशेष महत्व बना हुआ है। शुभ अवसर पर घरों के आंगन, तुलसी चौरा और मंदिरों में मिट्टी के दीये जलाने की परंपरा आज भी कायम है। ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले में परंपरागत तरीके से दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है। महिला व्यापारी श्रीमती रुचिता ने बताया कि इस वर्ष भी कई डिजाइनों में मिट्टी के दिए तैयार किए गए हैं जिनकी बिक्री हो रही है।
दीपावली पर ट्रेनों में आरक्षण की मारामारी, स्टेशन में यात्रियों की भीड़
राजनांदगांव। दीपावली पर्व के नजदीक आते ही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर सुबह से लेकर देर रात तक यात्रियों की आवाजाही बनी हुई है। त्योहार मनाने के लिए अपने गृह नगर जाने वाले और छुट्टियों में परिवार के साथ घूमने की योजना बना रहे। लोगों को कन्फर्म टिकट के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि लंबी दूरी की कई ट्रेनों में एक माह तक आरक्षण बुक हो चुका है। इसके चलते यात्रियों को वेटिंग टिकट और तत्काल आरक्षण का सहारा लेना पड़ रहा है।
ज्ञात हो कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से होकर भी सौ से अधिक ट्रेनों का आना जाना होता है। त्योहार के बाद से यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। दीपावली के अवसर पर दूसरे शहरों में नौकरी और व्यवसाय करने वाले लोग अपने घर लौटने की तैयारी में हैं। वहीं स्कूलों में अवकाश शुरू होने के कारण परिवार सहित यात्रा करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर, प्लेटफार्म और प्रतीक्षालय में यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है।
लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता कम होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रही है। वहीं दीपावली के बाद अब छठ पर्व को लेकर भी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। छठ पूजा मनाने के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की आवाजाही बढ़ेगी। इसके चलते लंबी दूरी की ट्रेनों में आरक्षण को लेकर मारामारी और बढ़ सकती है। रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय से सैकड़ो परिवार छठ मनाने के लिए जाएंगे।
पट्टा अधिकार के लिए पात्र-अपात्र हितग्राहियों की जानकारी मांगी
डोंगरगढ़। नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन व्यक्तियों को पट्टाधृति अधिकार प्रदान करने की प्रक्रिया में डोंगरगढ़ नगर पालिका से पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों की जानकारी मांगी गई है। जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर कलेक्टर कार्यालय (नजूल ) राजनांदगांव ने 2 नवंबर 2026 को नगर पालिका परिषद डोंगरगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को रिमाइंडर जारी किया है।
जारी पत्र के अनुसार पट्टाधृति अधिकार अधिनियम 2023 के तहत आवासहीन व्यक्तियों का सर्वे कर 15 अगस्त 2026 तक पात्रता परीक्षण सहित निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जानकारी पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होने पर नजूल अधिकारी ने दोबारा पत्र जारी कर पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों की सूची और उनकी संख्यात्मक जानकारी एकल एक्सल शीट में तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, इस मामले में विभाग के जिम्मेदार राजस्व निरीक्षक महेंद्र करसे ने बताया कि उन्हें इस संबंध में ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब कलेक्टर कार्यालय से नगर पालिका को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए रिमाइंडर जारी किया जा चुका है, तो संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी तक इसकी सूचना क्यों नहीं पहुंची। अब देखना होगा कि नगर पालिका सर्वे की जानकारी कब तक उपलब्ध कराती है।
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