भिलाईनगर। बीएसपी के सेक्टर 9 हॉस्पिटल में अब फार्मेसी या लैब कलेक्शन काउंटर पर अपना सीआर नम्बर मैन्युअली बताने या दर्ज करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। बीएसपी की डिजिटल पहल से अब अस्पताल में सेवाएं होंगी और भी आसान हो गई है। क्यूआर कोड से त्वरित सुविधाएं मिलेंगी।

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अस्पताल प्रशासन ने तत्संबंध में यह दिशा निर्देश जारी किए हैं। स्वस्थ मित्र ऐप में परिवार के प्रत्येक सदस्य का क्यूआर कोड डाउनलोड करें। फार्मेसी या लैब कलेक्शन काउंटर पर अपने मोबाइल में क्यूआर कोड दिखाएं। काउंटर पर उपलब्ध बार कोड स्कैनर से क्यूआर कोड स्कैन किया जाएगा और आपका सीआर नम्बर सीधे प्राप्त हो जाएगा। इससे मैन्युअल एंट्री की आवश्यकता नहीं होगी और समय की बचत होगी।

अब ‘लईका चिन्हारी’ ऐप से होगी शाला त्यागी बच्चों की पहचान

दुर्ग। शाला त्यागी, अप्रवेशी एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, पंजीयन एवं निगरानी के लिए लईका चिन्हारी’ एप तैयार किया गया है राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा द्वारा तैयार इस ऐप की कार्यप्रणाली को समझाने कार्यशाला आयोजित की गई।

बीआरसी भवन, धनोरा में आयोजित कार्यशाला में बीआरसीसी एवं प्रशिक्षक अरविन्द बंजारे द्वारा लाइव डेमो के माध्यम से संकुल समन्वयकों को बताया गया कि सर्वेक्षक को गूगल प्ले स्टोर से ‘लईका चिन्हारी’ एप डाउनलोड करना है। एप में नाम, मोबाइल नंबर, बसाहट एवं विद्यालय की जानकारी दर्ज कर पंजीयन करना है।

संकुल समन्वयक द्वारा क्लस्टर आईडी से सर्वेक्षक का सत्यापन एवं अप्रूवल किया जाएगा। ड्रॉप बॉक्स में दर्ज बच्चों की जानकारी खोजना एवं नए बच्चों का विवरण दर्ज करना । चिन्हांकित बच्चे का विद्यालय में प्रवेश एवं 3 माह तक नियमित उपस्थिति की निगरानी भी किया जाना है।

दरअसल, संकुल समन्वयक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। उनकी जिम्मेदारी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और शासन की योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करना है। प्रत्येक बच्चा शिक्षा से जुड़े, इसके लिए संवेदनशीलता और समर्पण के साथ काम करना जरूरी है। इसी धारणा से ऐप का डेमो संकुल समन्वयकों को दिया गया।

बीआरसीसी ने कहा कि विकासखंड में कोई भी बच्चा शाला से बाहर न रहे, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। घर-घर सर्वे कर प्रत्येक बच्चे को चिन्हांकित कर विद्यालय से जोड़ना है। कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। लईका चिन्हारी का उद्देश्य ही यही है। कार्यशाला में संजय राजपूत सहायक परियोजना समन्वयक, श्रवण सिन्हा बीआरसीसी एवं संकुल समन्वयक उपस्थित रहे ।

सर्वेक्षक को प्रोत्साहन राशि 20 रुपए प्रति छात्र

कार्यशाला में यह भी जानकारी दी गई कि चिन्हांकित प्रत्येक बच्चे की सही प्रविष्टि एवं सत्यापन पर सर्वेक्षक को 20 रुपए प्रति छात्र तथा बच्चे का विद्यालय में प्रवेश कराकर 3 माह तक बनाए रखने पर प्राचार्य के सत्यापन के बाद 500 रुपए की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी।

स्व. डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के नाम पर होगा शासकीय नागरिक कल्याण महाविद्यालय

भिलाईनगर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरुवार भिलाई-3 स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय पहुंचकर अहिवारा के विधायक स्व. डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साय ने कहा कि स्व. कोर्सेवाड़ा द्वारा समाज और प्रदेश के विकास के लिए किए गए कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे। उन्होंने अहिवारा स्थित शासकीय महाविद्यालय का नामकरण स्व. डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के नाम पर किए जाने की घोषणा की।

साय ने आज कहा स्व. कोर्सेवाड़ा की कमी हमेशा महसूस की जाएगी। उन्हें उनके वास्तविक नाम से अधिक लोग ‘गुरुजी’ के नाम से ज्यादा जानते थे। उनका सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाता था।

मुख्यमंत्री ने उनके साथ जुड़े आत्मीय प्रसंग को साझा करते हुए बताया कि जब स्व. कोर्सेवाड़ा हैदराबाद में उपचार के लिए भर्ती थे, तब उन्होंने स्वयं फोन कर उनका हाल- चाल जाना था तथा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को भी उनका हाल जानने के लिए हैदराबाद जाने के निर्देश दिए थे।

संपत्तिकर वसूली में गड़बड़ी पर भिलाई निगम आयुक्त ने एजेंसी को दिया अल्टीमेटम

भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में डोर-टू-डोर राजस्व संपत्तिकर, समेकितकर, जलकर, विज्ञापन कर, यूजर चार्ज वसूली में बड़ी अनियमितता सामने आई है। आयुक्त ने वसूली एजेंसी मेसर्स पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स प्रा. लिमि., राँची को पत्र लिखकर 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

निगम ने 21 दिसंबर 2022 को एजेंसी के साथ अनुबंध किया था और 30 दिसंबर 2022 को कार्यादेश जारी कर वसूली शुरू कराई थी। एजेंसी ने सॉफ्टवेयर बनाया, जिसमें करदाताओं का रिकॉर्ड, गणना और वसूली नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 और शासन के आदेशों के अनुसार होनी थी।

लेकिन निगम के तकनीकी सहायक से प्राप्त जानकारी अनुसार एजेंसी के संपत्तिकर सॉफ्टवेयर में नियम के विरुद्ध करों की वसूली और डिमांड एंट्री पाई गई। कुछ आईडी में बकाया वर्ष की वसूली और डिमांड एंट्री में त्रुटियां और अनियमितता मिली। इसके अलावा अवैधानिक रूप से संपत्तिकर दाताओं के नाम में परिवर्तन की त्रुटियां भी मिलीं।

आयुक्त का सख्त निर्देश- आयुक्त ने कहा कि उपरोक्त सभी संपत्तिकर आईडी में सॉफ्टवेयर में किए जाने वाले त्रुटिपूर्ण गणना, डिमांड एवं त्रुटिपूर्ण वसूली से निगम के राजस्व की क्षति हो रही है और एजेंसी द्वारा अवैधानिक रूप से सॉफ्टवेयर में नियम के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है।

एजेंसी को निर्देशित किया है कि समस्त संपत्तिकर आईडी के समस्त करों में की गई त्रुटि के संबंध में अपना स्पष्टीकरण 3 दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष प्रस्तुत करें। त्रुटिपूर्ण वसूली करने वाले कमर्चारी (टैक्स कलेक्टर) के विरुद्ध कार्रवाई करें।

पटाखा बाजार पर भी महंगाई की मार पिछले साल की तुलना में बढ़े दाम

राजनांदगांव। दीपावली पर्व को लेकर शहर में पटाखा बाजार भी सजकर तैयार हो गया है। एक ओर जहां लोग दीपावली की खुशियां मनाने के लिए पटाखों की खरीददारी की तैयारी कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस बार पटाखों की कीमतों में बढ़ोतरी ने ग्राहकों के बजट पर असर डाला है। पिछले वर्ष की तुलना में कई तरह के पटाखों के दाम बढ़े हैं। इसके चलते ग्राहक खरीदारी के दौरान कीमतों और वैरायटी की जानकारी ले रहे हैं। व्यापारियों की माने तो 20 से 25% दाम पटाखों के बढ़ चुके हैं।

ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले में भी दीपावली पर्व के दौरान करोड़ों के पटाखों की बिक्री होती है। इसके लिए नगर निगम द्वारा राजनांदगांव जिला मुख्यालय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले म्युनिसिपल स्कूल मैदान में स्थान का चिंतन किया गया है जहां पर 92 से अधिक पटाखा की दुकानें सज चुके हैं। जहां पर लोग पहुंच कर अधिक से अधिक पटाखे खरीद रहे हैं ।

पटाखों के थोक व्यापारी मोटलानी ने बताया कि इस वर्ष पटाखा कारोबार पर भी महंगाई का असर देखने को मिल रहा है। विभिन्न प्रकार के पटाखों की कीमतों में वृद्धि हुई है। बाजार में अलग-अलग रेंज के पटाखे उपलब्ध हैं। ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। वहीं सिंह पटाखा के संचालक ने भी बाजार की स्थिति और इस वर्ष की तैयारियों को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि दीपावली के मद्देनजर दुकानों में विभिन्न प्रकार के पटाखे उपलब्ध कराए गए हैं।

इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापन दिखाकर 11 लाख की ठगी

राजनांदगांव। इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापन लिंक बनाकर टाटा पावर सोलर कंपनी का जिला डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर 11 लाख 36 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले 2 आरोपियों को पुलिस ने बोधगया, बिहार से गिरफ्तार किया है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के नाम प्रशांत कुमार उर्फ निक्की, पिता हरि राम शर्मा, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम सारे, थाना सारे, जिला नालंदा, बिहार तथा अभिषेक कुमार यादव उर्फ रवि, पिता विद्याभूषण यादव, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम विशुनबीघा, थाना बारुण, जिला औरंगाबाद, बिहार बताए जाते हैं।

प्रकरण में प्रार्थी को टाटा पावर सोलर कंपनी में जिला डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन, सोलर सिस्टम मशीन की अग्रिम कीमत तथा कंपनी के अधिकारियों के आने-जाने के खर्च आदि के नाम पर अलग-अलग किश्तों में 11,36,123/- रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई थी। जिस पर साइबर पुलिस थाना राजनांदगांव में अपराध क्रमांक 03/2026 धारा 318 ( 4 ), 3 (5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

जांच में सामने आया कि आरोपी प्रशांत कुमार उर्फ निक्की एवं अभिषेक कुमार यादव उर्फ रवि बिहार के बोधगया में किराये का मकान लेकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। आरोपियों द्वारा इस्टाग्राम पर टाटा पावर सोलर कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम से इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापन लिंक तैयार कराया गया था। इस लिंक पर इच्छुक व्यक्ति द्वारा अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं ईमेल आईडी जैसी जानकारी भरने पर उसका पूरा डाटा आरोपियों तक पहुंच जाता था।

इसके बाद आरोपी स्वयं को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करते थे, तथा उन्हें कंपनी का डिस्ट्रीब्यूट बनाने का झांसा देते थे। आरोप रजिस्ट्रेशन शुल्क, सोलर सिस्टम मशीन की अग्रिम कीमत, कंपनी के अधिकारियों के आने-जाने के खर्च के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम जमा करवाते थे।

लोगों का विश्वास जीतने के लिए कंपनी के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ईमेल के माध्यम से भेजे जाते थे आरोपियों द्वारा ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए पश्चिम बंगाल के कोलकाता क्षेत्र से कमीशन पर फर्जी मोबाइल सिम एवं बैंक खाते उपलब्ध कराए जाते थे। ठगी की रकम इन्हीं बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद एटीएम से नगद निकासी एवं फोन पे के माध्यम से रकम का लेन-देन किया जाता था।

मेमोरेंडम कथनों के अनुसार, आरोपियों ने प्रार्थी से माह जुलाई एवं अगस्त 2026 के दौरा अलग-अलग किश्तों 7 11,36,123/- रुपये की ठगी करना स्वीकार किया है। ठगी क रकम को दोनों आरोपियों द्वारा आपस में एवं अन्य सहयोगियों के साथ कमीशन के आधार पर बांटा जाता था।

उर्वरक खरीदने के लिए टोकन की हुई शुरुआत, अब घर बैठे मिलेगी सुविधा

राजनांदगांव। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने तथा समयबद्ध किसानों को उनके द्वारा बोये जाने वाले फसलों के लिए संतुलित मात्रा में उर्वरक प्राप्त हो सके, को दृष्टिगत रखते हुए जिला – राजनांदगांव सहित पूरे प्रदेश में उर्वरक वितरण की नई प्रणाली “फ्रेमवर्क फार फर्टिलाईजर सेल” (FSS) का शुभारंम किया गया है। अब किसान सीधे अपने मोबाइल पर “फ्रेमवर्क फार फर्टिलाईजर सेल (FSS) एप के माध्यम से व लोक सेवा केन्द्रों, सहकारी समितियों या निजी विक्रेताओं के माध्यम से टोकन जारी करवाकर शासन द्वारा अधिसूचित मूल्य पर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।

किसानों को उर्वरक प्राप्त करने के लिए “एफ.एफ.एस. मोबाईल एप” डाउनलोड कर अपने आधार नंबर व फार्मर आई.डी. के माध्यम से लॉगिन करके एप में अपने भूमि व बोई जाने वाली फसल की जानकारी को अद्यतन करने के उपरांत उर्वरकों का चुनाव कर अपने नजदीकी सहकारी या निजी उर्वरक विक्रय केन्द्र का चयन करके टोकर जारी सकते है, जारी की गई टोकन को आगामी 02 दिवस के भीतर चयनित सहकारी या निजी उर्वरक विक्रय केन्द्र में जाकर उर्वरक प्राप्त कर सकते है।

उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि टोकन की वैधता जारी तिथि से आगामी 02 दिवस तक वैध रहेगी, उसके उपरांत टोकन स्वतः ही निरस्त हो जायेगा। इस प्रणाली के लागू होने से उर्वरकों के अवैध परिवहन, कालाबाजारी, जमाखोरी जैसे कृत्यों पर लगाम लग जायेगी। साथ ही किसानों को उनके रकबे एवं बोई जाने वाली फसलों के आधार पर उचित मात्रा में रासायनिक उर्वरक प्राप्त होने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार आयेगी व अधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से वातावरण तथा मिट्टी पर होने वाले कुप्रभावों से बच सकेंगे।

दिग्विजय महाविद्यालय में परीक्षा फीस बढ़ाने का विरोध

राजनांदगांव। माइक्रो बायोलॉजी छात्रों की थर्ड सेमेस्टर की फीस में अचानक बढ़ोत्तरी कर दी गई है। छात्रों ने बताया कि, ऑनलाइन पोर्टल में 1730 रुपए थी, लेकिन जब पिछले सेकंड सेमेस्टर में छात्रों ने परीक्षा फॉर्म भरा था तब उनकी फीस 1530 थी। लेकिन इस बार अत्यधिक फीस को देखकर छात्रों ने प्राचार्य से मिलकर जानकारी दी। जिस पर प्राचार्य ने कहा फीस वृद्धि हुई ही नहीं है। उन्होने कहा पिछले 2 सालों से राशि नही बढ़ी है।

दिग्विजय महाविद्यालय में आगामी सेमेस्टर की परीक्षा के लिए इस परीक्षा फॉर्म शुल्क ऑनलाइन लिया जा रहा है। छात्रों की शिकायत पर जब ऑटोनॉमस अधिकारियों से प्राचार्य ने बातचीत की तो उन्होने कहा हमें जानकारी नहीं है चेक करते हैं। फिर कहा गया कि, टेक्निकल टूटी हो गया। एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव राजा यादव ने बताया कि, पिछले दो सालों से हर सेमेस्टर में परीक्षा फीस बढ़ाई जा रही है, जिसे कभी प्रैक्टिकल का हवाला दिया जाता है तो कभी शासन स्तर पर फीस बढ़ाने का हवाला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि, छात्रों ने जब नामांकन किया था, उनको अभी तक उनका नामांकन भी नहीं मिला है लगभग 2 साल होने वाले हैं।

स्कूल-कॉलेजों में आज से अवकाश

राजनांदगांव। दीपावली पर्व को देखते हुए शहर सहित जिले के स्कूलों और कॉलेजों में आज से छुट्टियां शुरू हो रही हैं। विद्यार्थियों को 11 नवंबर तक अवकाश मिलेगा। इसके बाद 12 नवंबर से स्कूल फिर से नियमित रूप से खुलेंगे । त्योहार के दौरान लगातार कई दिनों की छुट्टी मिलने से विद्यार्थियों में खासा उत्साह है।

महाविद्यालयों में 12 नवंबर तक छुट्टियां दी गई है। दीपावली के पांच दिवसीय पर्व को लेकर घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बच्चे परिवार के साथ दीपावली मनाने के अलावा रिश्तेदारों के यहां जाने और घूमने की भी योजना बना रहे हैं। वहीं त्योहार के चलते बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। स्कूल-कॉलेजों में अवकाश के चलते बाजार में भी खरीदारी के लिए परिवारों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

महाविद्यालय में 12 नवंबर तक छुट्टियां दी गई है। दीपावली की छुट्टियों को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह है। लगातार अवकाश मिलने से बच्चों को परिवार के साथ समय बिताने, पूजा-पाठ में -शामिल होने और त्योहार की खुशियां बांटने का अवसर मिलेगा। उत्साह जैसा माहौल बच्चों में देखने को मिलेगा।

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