दुर्ग। वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंतिम सप्ताह में राजस्व वसूली पर निगम प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया है। रोजाना 50 लाख की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वैसे सभी टैक्स को मिलकर इस बार वसूली का लक्ष्य 47 करोड़ रुपए है। इनमें संपत्ति कर करीब 30 करोड़ आंकी गई है।
जानकारी के मुताबिक अब तक 23 करोड़ संपत्ति कर की वसूली हुई है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने राजस्व विभाग के सभी अधिकारियों को तय समय में शत प्रतिशत राजस्व वसूली किए जाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यही वजह है कि पिछले 10 दिनों में रोजाना अच्छी खासी राजस्व की वसूली की जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष का मात्र 4 दिन शेष है। इसमें भी अवकाश आड़े आ रहा है, नगर निगम प्रशासन ने अवकाश के दिनों में भी काउंटर खोले जाने के निर्देश दिए हैं।

नगर निगम दुर्ग द्वारा शहर के समस्त करदाताओं को सूचित किया जाता है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व संपत्ति कर / अन्य निगम कर जमा करने हेतु अब केवल अंतिम 4 दिन शेष रह गए हैं। निगम प्रशासन द्वारा करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके अंतर्गत नगर निगम परिसर के टैक्स निरंतर शनिवार-रविवार खुले रखे जा रहे हैं, ताकि नागरिक बिना किसी असुविधा के अपना कर जमा कर सकें।
अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी
निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने बताया कि कर संग्रहण को सुचारू एवं व्यवस्थित बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है तथा काउंटरों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। नागरिकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था का निरीक्षण भी किया जा रहा है, जिससे करदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पेनाल्टी एवं फाइन से बचे
राजस्व अधिकारी आर. के. बोरकर ने कहा है कि समय सीमा के भीतर कर जमा करने से करदाता अनावश्यक पेनाल्टी एवं फाइन से बच सकते हैं, वहीं अंतिम तिथि के पश्चात निगम द्वारा नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसमें जुर्माना, अधिभार एवं अन्य विधिक कार्रवाई शामिल हो सकती है। करदाता अपना टैक्स ऑनलाइन घर बैठे जमा कर सकते है।
हथखोज के 400 हमाल परिवारों पर रोजी रोटी का संकट
भिलाईनगर। नागरिक आपूर्ति निगम के अचानक लिए गए एक निर्णय ने लगभग 400 हमालों के परिवार में रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर डाला है। इन सभी हमालों का जीविकोपार्जन औद्योगिक क्षेत्र हथखोज में स्थित नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में कार्य करने पर निर्भर था लेकिन अब उनके पास कोई काम नही रह गया है। अचानक बीस साल बाद नागरिक आपूर्ति निगम ने इस वर्ष इस गोदाम से मिलरों का टैगिंग नहीं किया है, नतीजन यहां चावल का भण्डारण नहीं होने से वहां काम कर रहे हमालों के पास कोई काम नहीं रह गया है।
नागरिक आपूर्ति निगम के अप्रत्याशित निर्णय के तहत हथखोज गोदाम में चावल जमा नही करने से कोई काम मिलना बंद हो गया है इससे करीब चार सौ हमालों का रोजगार छिन गया है। जिससे उनके परिवार का भरण पोषण और बच्चों की शिक्षा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। लम्बे समय से यहां हमाली करने वालों को यह समझ नहीं आ रहा है कि अब आधी उम्र बीतने के बाद वे कहां जाकर काम शुरू करें।
उल्लेखनीय है कि हथखोज में छ.ग. राज्य भण्डार गृह निगम के द्वारा किराए पर लेकर नागरिक आपूर्ति निगम का चावल वर्ष 2005 से भण्डारित किया जा रहा था। यह गोदाम ट्रांसपोर्ट नगर, हथखोज के बाजू में है जहां ट्रकों के आवागमन की सुविधा चौबीसों घण्टे रहती है। वहां हमाल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के कारण चावल की अनलोडिंग, लोडिंग एवं स्टेकिंग की सुविधा अन्य गोदामों की तलना में काम शीघ्र होता है।
25-26 में राइस मिलरों को टैगिंग नहीं किया
वर्ष 2025-26 में नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा इस वर्ष राईस मिलरों को टैगिंग नही किया गया है जिसके कारण चावल का भण्डारण बंद है। फलस्वरूप यहां कार्यरत तीन सौ से चार सौ हमाल बेरोजगार हो गए हैं। अचानक रोजगार छिन जाने से हमाल संघ ने इसकी गुहार पत्र के माध्यम से प्रदेश के मुख्य मंत्री विष्णु देव साय, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद विजय बघेल, विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा आदि को भेजा है।
दुर्ग जिपं सामान्य सभा की बैठक 2 को
दुर्ग। जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 2 अप्रैल को जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर एक बजे आयोजित की गई है। बैठक में गौधाम योजना, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, जल संसाधन, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्य सहित अन्य विषयों पर समीक्षा की जाएगी।
बीएसपी में शुरू हुई एमपीटी परीक्षण सुविधा
भिलाईनगर। भिलाई इस्पात संयंत्र में एमपीटी परीक्षण सुविधा का औपचारिक उद्घाटन 26 मार्च को यूनिवर्सल रेल मिल के रेल वेल्डिंग कॉम्प्लेक्स में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएं) तुषारकान्त ने किया। यह पहल बीएसपी के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र के कुशल नेतृत्व एवं कायर्पालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार के मार्गदर्शन में हुई। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (आरसीएल) राहुल श्रीवास्तव तथा महाप्रबंधक प्रभारी (यूआरएम) विशाल गुप्ता सहित राईटस भिलाई के वरिष्ठ अधिकारी एवं संयंत्र के विभिन्न संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
भारतीय रेलवे के रिसर्च डिजाईनस एंड स्टैण्डर्डस ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) द्वारा जारी नई दिशानिर्देशों के अनुसार स्टेशनरी छैश बट वेल्डिंग (एसएफबीडब्लू) मशीनों से उत्पादित रेलों के सभी वेल्ड जोड़ों पर मैग्नेटिक पार्टिकल्स टेस्टिंग (एमपीटी) अनिवार्य किया गया है। इस आवश्यकता के अनुरूप भिलाई इस्पात संयंत्र ने त्वरित पहल करते हुए अपनी रेल वेल्डिंग सुविधाओं में एमपीटी तकनीक को सफलतापूर्वक लागू किया है।
नई एमपीटी परीक्षण व्यवस्था के माध्यम से भारतीय रेलवे को आपूर्ति की जा रही रेलों के वेल्ड जोड़ों की गुणवत्ता का परीक्षण आरडीएसओ के नवीनतम विनिर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे उच्च गुणवत्ता मानकों के पालन को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन हेतु संयंत्र के कॉन्ट्रैक्ट सेल, वित्त, आरएसएम, आरसीएल एवं यूआरएम विभागों के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयुक्त के विरुद्ध जिस दिन प्रस्ताव पारित हुआ, उसी रात 2.13 करोड़ से ज्यादा की राशि का किया भुगतान
भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय को सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के पार्षदों ने 25 मार्च को बर्खास्त करने संकल्प पारित किया। उसी रात भिलाई नगर निगम के आयुक्त ने रात 11 बजे तक लगभग 2.13 करोड़ से भी ज्यादा की राशि का भुगतान मनमाने ढंग से किया है। इसमें एक ऐसे ठेकेदार की राशि का भुगतान हुआ है, जिस राशि के भुगतान पर दो वर्षों से अन्य आयुक्त सहित स्वास्थ्य विभाग के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी ने रोक लगा रखी थी। सफाई का ठेका लेने वाले पीवी रमन को लगभग 38 लाख रुपए का भुगतान भिलाई निगम के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया है।
सभापति ने की कलेक्टर से शिकायत भिलाई निगम के सभापति बंटी गिरवर साहू ने बताया कि आयुक्त की कार्यप्रणाली और वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर आपत्तियों की शिकायत कलेक्टर अभिजीत सिंह से की है। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनियमितता (मद परिवर्तन) शासन के नियमानुसार विभिन्न विशिष्ट मदों से प्राप्त राशि का सक्षम स्वीकृति के बिना अन्य मदों में व्यय व भुगतान किया गया, जो वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि कई निविदाएं बिना उचित वैधानिक प्रक्रिया और सक्षम स्वीकृति के आमंत्रित की गईं, जो निगम अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि संजय नगर तालाब के समीप स्थित भूमि के संबंध में बिना सामान्य सभा, राज्य शासन की पूर्व अनुमति के ई-निविदा आमंत्रित की। भूखंडों की नीलामी से प्राप्त करोड़ों रुपये की राशि को राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध ठेकेदारों को भुगतान कर दिया। पूर्व की सामान्य सभा के निर्णयों की अनदेखी की गई और पार्षदों द्वारा मांगी गई आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में आयुक्त संतोषजनक जवाब नहीं दिये। सभापति ने भी आयुक्त के स्थानांतरण की मांग की है।
शीतला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का पीपीपी मॉडल से होगा निर्माण
भिलाईनगर। शीतल मार्केट को व्यवस्थित एवं व्यवस्थापन के लिए मार्केट निर्माण में 50 प्रतिशत की राशि पीपीपी मॉडल, बैंक लोन व बॉन्ड के माध्यम से फंड की पूर्ति किए जाने की योजना तैयार की गई है। शीतला कमर्शियल काम्पलेक्स निर्माण होने से मार्केट क्षेत्र को व्यवस्थित किया जा सकेगा एवं पार्किग की उचित व्यवस्था होगी। मार्केट निर्माण के लिए लगभग करोड रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मार्केट निर्माण में 50 प्रतिशत की राशि पीपीपी मॉडल के माध्यम से फंड की पूर्ति किए जाने की योजना वर्तमान में भिलाई नगर निगम में तैयार किया है।
बता दें कि पावर हाउस स्थित शीतला मार्केट वतर्मान में सामान्य सुविधाओं का अभाव है। इससे निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं शीतला मार्केट के चारों ओर गंदगी व्याप्त है। मार्केट से कुछ दूरी पर नहर गुजरी हुई। है। नहर एवं मार्केट के आसपास गंदगी व्याप्त है। आसपास के सारे व्यापारियों सहित निगम के सफाई कर्मचारी कचरे को शीतला मार्केट में फेंक रहे हैं। इसकी जानकारी आसपास के व्यापारियों ने कई बार भिलाई नगर निगम के आयुक्त को दी है। इसके बावजूद इसका समाधान नहीं किया गया है। भिलाई नगर निगम के आयुक्त ने उक्त क्षेत्र का दौरा किया और पुनः निगम की योजनाओं का खुलासा किया.
निगम की आय में होगी बढ़ोतरी
उक्त शीतला मार्केट के निर्माण होने से भिलाई निगम की आय में वृद्धि होगी। कचरे के ढेर में मार्केट होने से करोड़ों रुपए का नुकसान भी हो रहा है, जबकि यह क्षेत्र नंदिनी रोड से लगा हुआ है। मार्केट संचालित से चहल-पहल तो बढ़ेगी वहीं होने बेरोजगार युवकों को रोजगार के लिए दुकान मिलेगी। इसके साथ ही आसपास रहने वाले लोगों के लिए सवसुविधायुक्त मार्केट मिलेगा।
वाहन किराया लेकर भुगतान न कर वाहन गिरवी रखने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। वाहन किराये पर लेकर ठगी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 वाहन जब्त की गई है। आरोपी वाहन किराया लेकर भुगतान न करते हुए वाहनों को गिरवी रखने का काम कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार का न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस ने बताया कि प्रार्थी आकुब खान ने थाना मोहन नगर में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी अमित कुमार सिंह एवं ओमप्रकाश सिन्हा लक्ष्मी टूर एंड ट्रेवल्स के नाम से लोगों से वाहन किराए पर लेकर संचालित करते हैं परंतु वाहन मालिकों को किराया भुगतान नहीं करते हैं। वहीं आरोपीगण वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी भी रख देते थे।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपी अमित कुमार सिंह निवासी चारभाठा थाना बाग नदी जिला राजनांदगांव एवं वरुण सलामे निवासी बुधवारी पारा, डोंगरगढ़ थाना डोंगरगढ़ को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 2 महिंद्रा स्कॉर्पियो, सुजुकी अर्टिगा, महिंद्रा थार, स्विफ्ट कार, टाटा पंच, बुलेट मोटरसाइकिल, वरना कार, बलेनो, अर्टिगा को जब्त किया है।
रेलवे ट्रैक के पेड्रॉल क्लिप की चोरी का आरोपी पकड़ाया
राजनांदगांव। रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट राजनांदगांव द्वारा रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यवाही की गई है। यह कार्यवाही मंडल सुरक्षा आयुक्त नागपुर दीपचंद आर्य के निर्देशन में संपन्न हुई। 26 मार्च को निरीक्षक तरूणा साहू के नेतृत्व में आरपीएफ टीम द्वारा रेलवे स्टेशन रसमड़ा एवं यार्ड क्षेत्र में रात्रि गश्त एवं चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया। उक्त व्यक्ति रेलवे के प्रतिबंधित क्षेत्र में बंद समपार फाटक के पास से एक बोरी में सामान लेकर जा रहा था। घेराबंदी कर पकड़े जाने पर उसके कब्जे से रेलवे ट्रैक में उपयोग होने वाली 24 नग पेंड्रॉल क्लिप बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीराम साहू (35 वर्ष) निवासी रसमड़ा, जिला दुर्ग बताया। उसने स्वीकार किया कि ह उक्त सामग्री को चोरी-छिपे ले जाकर चलते फिरते कबाड़ी को बेचने के उद्देश्य से ले जा रहा था। आरोपी द्वारा रेलवे संपत्ति के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर उसके विरुद्ध रेलवे संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम, 1966 की धारा 03 (अ) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया गया।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए हथियाई सरकारी सुविधा
राजनांदगांव। जिले के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के उप संचालक कमला सिंह पर गंभीर आरोप लगे है। महिला अफसर पर अपनी वास्तविक जाति अजा के जगह अपनी जाति अजजा बताने का मामला प्रकाश में आया है । बिलासुपर पदस्थापना के दौरान उप संचालक के खिलाफ शिकायत की जांच वहां शुरू हो गई है। इस बड़े मामले को लेकर उप संचालक सहित कई बड़े अफसरों के नपने की नौबत आ सकती है। इस संबंध में कलेक्टर बिलासपुर के जनदर्शन में शिकायत प्रस्तुत कर जांच एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई। है।
शिकायतकर्ता पूजा कुशवाहा ने आरोपों की पुष्टि के लिए कमला सिंह के स्कूली दस्तावेज भी आरोप लगाया गया है कि कमला सिंह प्रस्तुत किए हैं। शिकायत में पिता तिरथराम, निवासी नवांगांव, तहसील कोटा, जिला बिलासपुर द्वारा वर्ष 2008 में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जनजाति गोड़ जाति का स्थायी प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया। शिकायत के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा द्वारा 5 फरवरी 2008 को जारी जाति प्रमाण पत्र संदेहास्पद है और इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उपलब्ध शैक्षणिक अभिलेखों में मला सिंह की जाति सतनामी दर्ज है, जिससे जाति परिवर्तन कर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र लेने की आशंका मजबूत होती है। शिकायत में संलग्न दस्तावेजों के अनुसार कमला बाई पिता तिरथराम की प्राथमिक शिक्षा शासकीय कन्या प्राथमिक शाला मोगरा, तहसील कटघोरा में सत्र 1979-80 में हुई थी। विद्यालय के दाखिल-खारिज प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 1 जुलाई 1972 तथा जाति सतनामी दर्ज बताई गई है। संबंधित दस्तावेज का क्रमांक 337 दिनांक 5 जुलाई 1979 बताया गया है।
जिले का तापमान 37 डिग्री के पार पहुंचा
राजनांदगांव। मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। आसमान से बादल हट जाने के साथ ही फिर से सूरज की किरणें हलाकान करने लगी है। आज राजनांदगांव जिला सर्वाधिक गर्म रहा है। जिले का तापमान भी 37 डिग्री ल्सियस आसपास दर्ज किया गया है। मौसम में अचानक आए परिवर्तन से लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक राजनांदगांव जिले में भी मौसम में फिर से परिवर्तन आ चुका है। आसमान से बादल हट जाने के बाद सूरज की किरणें पूरी तरह से धरती पर पड़ रही है, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं. गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर 1, पंखा, एसी आदि का उपयोग करना पड़ रहा है। सूरज की तपिश से बचने के लिए लोग छांव का सहारा ले रहे हैं।
मौसम में अचानक आए परिवर्तन से अब लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई है। खास बात है कि मार्च का महीना ही अभी चल रहा है। मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में अचानक गर्मी बढ़ जाने से लोग परेशान हो रहे हैं । मार्च के महीने में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है । राजनांदगांव जिले का तापमान तेजी के साथ लगातार बढ़ता जा रहा है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के वर्तमान में राजनांदगांव जिले मुताबिक का अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हो रहा है।
बिना लाइसेंस के चल रही बर्फ फैक्ट्री में प्रशासन का छापा
गंडई-पंडरिया। भीषण गर्मी के मद्देनजर कलेक्टर एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में बीते 27 मार्च को खाद्य विभाग की टीम ने वनांचल ग्राम साल्हेवारा स्थित नर्मदा आइस फैक्ट्री पर आकस्मिक दबिश दी। जांच के दौरान पाया गया कि फैक्ट्री बिना किसी वैध खाद्य अनुज्ञप्ति (लाइसेंसिंग) के संचालित हो रही थी।
परिसर में अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों के बीच बिना बैच नंबर और एक्सपायरी डेट के 5000 पैकेट चोकोबार तथा भारी मात्रा फ्रीजरों सहित सीज कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, मौके पर लगभग 3000 असुरक्षित ऑरेंज कैंडी को नष्ट कराया गया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 1 लाख रुपये आंकी गई है। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने बताया कि ‘राजश्री क्रीम मैजिक व्हाइट कस्टर्ड पाउडर’ का विधिक नमूना लिया गया है। मानकों को पूरा करने तक फैक्ट्री के निर्माण में पैकेजिंग मटेरियल मिला, जिसे तीन और विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे व अन्य स्टाफ शामिल थे।

