चंडीगढ़। पंजाब में ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई की है। पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अमरदीप सिंह ग्रेवाल को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, वह कनाडा से दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद ED ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अपने मुख्यालय पहुंचाया।

बताया जा रहा है कि अमरदीप सिंह ग्रेवाल के खिलाफ पहले से लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी था। हालांकि, उनकी हिरासत, गिरफ्तारी और मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर ED की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

क्या है पंजाब का कथित 5 करोड़ रुपये रिश्वत मामला?

यह मामला पंजाब में ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रिश्वत के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है। इस प्रकरण को मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जांच एजेंसी इस मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, ED ने अमरदीप सिंह ग्रेवाल को पहले भी पूछताछ के लिए समन किया था। अब दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद उनसे मामले से संबंधित सवाल पूछे जा रहे हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

कौन हैं अमरदीप सिंह ग्रेवाल?

अमरदीप सिंह ग्रेवाल पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े निर्माता बताए जाते हैं। उनका संबंध ईस्ट सनशाइन प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड से बताया जाता है। इस प्रोडक्शन हाउस का नाम पंजाबी फिल्मों ‘मौजां ही मौजां’ (2023) और ‘स्नोमैन’ (2022) से जुड़ा है।

फिल्म ‘मौजां ही मौजां’ में गिप्पी ग्रेवाल और बिन्नू ढिल्लों ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रोडक्शन हाउस की फिल्मों के विदेशी बाजारों में निर्माण और रिलीज से जुड़े पहलू भी जांच के दायरे में हो सकते हैं। हालांकि, कथित रिश्वत मामले में कंपनी या उससे जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर निष्कर्ष जांच के आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

ED की कार्रवाई से मामले में बढ़ी हलचल

अमरदीप सिंह ग्रेवाल को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद पंजाब के कथित रिश्वत मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। फिलहाल जांच एजेंसी की पूछताछ और आधिकारिक बयान से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और कथित 5 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़े कौन-से तथ्य सामने आते हैं।