होशियारपुर. पंजाब के पूर्व उद्योग मंत्री और कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच तेज कर दी है।

ईडी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 2 और 3 नवंबर 2026 को पंजाब और चंडीगढ़ में सुंदर शाम अरोड़ा, उनके बेटे प्रतीक अरोड़ा और सहयोगियों से जुड़े 14 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। होशियारपुर स्थित उनके आवास पर ईडी की टीम ने करीब 42 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया।

जांच एजेंसी ने इन कंपनियों के प्रमोटरों, निदेशकों और अन्य सहयोगियों के परिसरों को भी खंगाला। यह कार्रवाई पूर्व मंत्री, उनके बेटे और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई। तलाशी अभियान के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मिले। एजेंसी ने मोबाइल फोन, संपत्तियों से जुड़े कागजात, आपत्तिजनक दस्तावेज, PSIEC के औद्योगिक प्लॉटों से संबंधित रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। इसके अलावा संबंधित बैंक लॉकरों को भी फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। ईडी अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि कथित लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।

ईडी के मुताबिक, कथित तौर पर निजी रियल एस्टेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के बदले सुंदर शाम अरोड़ा ने अपने बेटे प्रतीक अरोड़ा के नाम पर इन कंपनियों में हिस्सेदारी हासिल की थी। एजेंसी को बैंक रिकॉर्ड से भी कुछ अहम साक्ष्य मिलने की जानकारी दी गई है। अब ईडी जब्त किए गए बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति के दस्तावेजों और कंपनियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।