प्रमोद कुमार/कैमूर। जिले के सुदूर पहाड़ी इलाकों में शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का एक सराहनीय प्रयास सामने आया है। भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के दुलहपुर गांव में रहने वाले युवक मोहन कुमार महादलित बस्ती के बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं।

कैमूर पहाड़ी की गोद में बसे इस गांव की महादलित बस्ती में मोहन कुमार ने करीब 100 जरूरतमंद बच्चों के बीच कॉपी, किताब और कलम का वितरण किया। इस नेक पहल से न केवल बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आई, बल्कि पूरे जिले में यह कार्य चर्चा का विषय बन गया है।

मोहन कुमार का कहना है कि आज भी कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के कई गांव ऐसे हैं, जहां न तो स्कूल हैं और न ही पढ़ाई की बुनियादी सुविधाएं। गरीबी के कारण कई बच्चे कॉपी-किताब के अभाव में शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में वह खुद आगे बढ़कर बच्चों के घर-घर जाकर शैक्षणिक सामग्री वितरित करते हैं।

उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस जैसे विशेष अवसरों पर वह लगातार महादलित बस्तियों में जाकर बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने का प्रयास करते हैं। कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में आज भी दर्जनों गांव ऐसे हैं, जहां शिक्षा की सरकारी व्यवस्था पूरी तरह नहीं पहुंच सकी है।
मोहन कुमार का यह प्रयास साबित करता है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो एक व्यक्ति भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता उनके इस कार्य की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं।