दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने दिल्ली सचिवालय में प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बजट 2026-27 में घोषित प्रमुख योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और तय समय-सीमाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजधानी को “विकसित दिल्ली” बनाने के लिए योजनाओं पर तेज़ी और प्रभावी ढंग से काम किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाएं तय समय के भीतर पूरी हों, ताकि दिल्ली का स्वरूप बेहतर बने और नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

बैठक में विभिन्न विभागों की कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता दिल्लीवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और गर्व करने योग्य बनाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में स्पष्ट किया कि सभी प्रमुख परियोजनाओं की सतत और गहन निगरानी “सीएम प्रगति पोर्टल” के माध्यम से की जाएगी। इस पोर्टल पर प्रत्येक विभाग को अपने प्रोजेक्ट्स की प्रगति, तय समय-सीमा और आगामी चरणों से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से अपडेट करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी इच्छाशक्ति है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी विभाग समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ काम करते हुए दिल्ली को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधाओं से भरपूर राजधानी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा भी मौजूद रहे, जहां विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

प्रगति पोर्टल से होगी विकास कार्यों की निगरानी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि समय पर विकास कार्यों के क्रियान्वयन से ही दिल्ली का तेज़ और संतुलित विकास संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सभी प्रमुख परियोजनाओं की सतत और गहन निगरानी “सीएम प्रगति पोर्टल” के माध्यम से की जाएगी। इस पोर्टल पर प्रत्येक विभाग को अपने प्रोजेक्ट्स की प्रगति, तय समय-सीमा और आगामी चरणों की नियमित अपडेट दर्ज करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से न केवल विभागीय स्तर पर पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि उच्च स्तर पर भी परियोजनाओं की प्रभावी समीक्षा करना आसान होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 15 दिन, 20 दिन और एक माह जैसे अल्पकालिक लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से तय करें और उन्हें पोर्टल पर अपडेट करें।

लक्ष्य, टाइमलाइन और जवाबदेही पर सख्त

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपने लक्ष्यों और समय-सीमाओं को गंभीरता से तय करे और उसी के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करे। उन्होंने दो टूक कहा कि परियोजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति अब समाप्त करनी होगी और शिलान्यास के साथ ही समय पर पूर्णता के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने टेंडरिंग, कार्यारंभ और परियोजनाओं की पूर्णता तक की पूरी प्रक्रिया को पूर्व निर्धारित योजना के तहत समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना में किसी भी प्रकार की बाधा आती है, तो उसे तुरंत उच्च स्तर पर साझा कर उसका समाधान निकाला जाए, न कि कार्यों को लंबित रखा जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभागों की कार्यक्षमता और प्रतिबद्धता का आकलन उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इसलिए सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता, तत्परता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ करना होगा, ताकि सभी परियोजनाएं तय समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरी की जा सकें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में जोर देते हुए कहा कि सभी परियोजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए और कार्यों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसी एक कार्य में देरी का असर अन्य परियोजनाओं पर न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चरणबद्ध योजना बनाकर तय समय-सीमा के भीतर कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उपलब्ध बजटीय संसाधनों का पूर्ण और प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को इस वित्तीय वर्ष में लक्ष्य आधारित और समयबद्ध कार्य प्रणाली अपनाने की सलाह दी, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस वर्ष और अधिक दक्षता, समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए, ताकि विकास कार्यों की गति तेज हो और उनके परिणाम ज़मीनी स्तर पर दिखाई दें।

2029 से पहले प्रमुख परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 से पहले सभी प्रमुख परियोजनाओं को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि हर परियोजना चाहे छोटी हो या बड़ी के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करना और उसी के अनुसार उसे पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे इस दीर्घकालिक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध, समयबद्ध और परिणामोन्मुखी तरीके से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि दिल्ली के समग्र विकास और जनकल्याण के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समर्पित प्रयास बेहद आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी अधिकारियों से अपने लक्ष्यों, समय-सीमाओं और कार्ययोजनाओं की पुनः समीक्षा करने का आह्वान किया और कहा कि वे पूरी गंभीरता व प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मजबूत योजना, नियमित समीक्षा और समयबद्ध कार्यप्रणाली बेहद आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने विभागों को केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड और योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये फंड राज्यों की कार्यकुशलता के आधार पर दिए जाते हैं, इसलिए सभी विभाग अपनी कार्यक्षमता और प्रदर्शन को बेहतर बनाएं, ताकि अधिक से अधिक संसाधन प्राप्त हो सकें। उन्होंने यह भी बताया कि एसएएससीआई सहित अन्य केंद्रीय फंड का मिलना किसी भी विभाग की प्रतिबद्धता, दक्षता और बेहतर प्रदर्शन का संकेत होता है। ऐसे में सभी विभागों को चाहिए कि वे अपने कार्यों में पारदर्शिता, गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करें, ताकि दिल्ली के विकास कार्यों को और मजबूती मिल सके।

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