कालेजों में ‘इंजीनियर’ तैयार हो रहे हैं या ‘सफाई कर्मचारी’ सफाई कर्मचारी की ‘जाब’ के लिए हजारों इंजीनियरों ने किया ‘अप्लाई’

दिल्ली. देश में शिक्षा व्यवस्था का हाल भी दूसरे सेक्टरों की तरह बहुत ही बदहाली के हाल में पहुंच चुका है. हाल ये है कि इंजीनियरिंग के छात्र अब सफाई कर्मचारी की जाब पाने के लिए ठोकरें खा रहे हैं.

इसे देश में बेरोजगारी का हाल कहें या फिर बदहाल शिक्षा व्यवस्था. तमिलनाडु में सफाई कर्मचारियों के लगभग 500 पदों के लिए इंजीनियरों की लाइन लग गई. तमिलनाडु के कोयम्बटूर सिटी म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन में 549  सफाईकर्मियों के पदों के लिए लोगों से आवेदन मांगे गए थे. खास बात ये है कि इन पदों के लिए 7000 आवेदन आए थे. इसमें सबसे हैरत की बात ये रही कि इनमें ज्यादातर आवेदन करने वाले इंजीनियरिंग के डिग्रीधारक थे.

सभी आवेदन करने वाले इंजीनियर, ग्रेजुएट और प्रोफेशनल डिग्रीधारी थे.  जब इन आवेदनों का वेरिफिकेशन किया जा रहा था तो अथारिटी को पता चला कि आवेदकों में अधिकांश इंजीनियर, स्नातकोत्तर, स्नातक और डिप्लोमा धारक थे. इस बारे में छात्रों का कहना था कि योग्यता के मुताबिक नौकरी नहीं मिलने के कारण उन्होंने इस पद के लिए अप्लाई किया है.

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